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रोक के बाद भी वाशिंग सेंटर पर धड़ल्ले से हो रही पानी की बर्बादी, निर्माण कार्य भी जारी

3 वर्ष पहले
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हाल ही में पानी की बर्बादी रोकने के लिए प्रशासन ने शहर में हो रहे मकान निर्माण कार्यों सहित वाशिंग सेंटर पर पानी का दुरुपयोग न करने के आदेश दिए थे। आदेश के पांच दिन हो गए, लेकिन वाशिंग सेंटरों पर अभी भी वाहनों की धुलाई धड़ल्ले से चल रही है। वहीं कई जगहों पर मकान निर्माण का काम भी चल रहा है। इससे हजारों लीटर पानी की बर्बादी हो रही है।

शहर में पांच दिन में एक बार पानी की सप्लाई की जा रही है। जलसंकट से निपटने के लिए पांच दिन पहले प्रशासन ने शहर में पानी की बर्बादी को रोकने के लिए आदेश जारी किया था। इसमें बताया था कि पानी की बर्बादी को पब्लिक न्यूसेंस माना जाएगा। ऐसे में शहर में मकान निर्माण के दौरान हो रहे पानी के खर्च को देखते हुए निर्माण पर राेक लगा दी थी। इसके अलावा शहर में संचालित वाशिंग सेंटरों को भी बंद करने के निर्देश दिए थे। ताकि पानी की बर्बादी रुक सकें और लोगों को पीने का पानी पर्याप्त मात्रा में मिल सकें।

10 हजार बोर में से 80 प्रतिशत सूखे

शहर में सरकारी और निजी बोर सहित अन्य जलस्रोत 10 हजार से अधिक हैं। इन जलस्स्रोतों की हालत भी खराब हो चुकी है। इसमें से करीब 80 प्रतिशत बोर सूख चुके हैं। इसके कारण लोगों को पीने के पानी के लिए भी काफी परेशानी हो रही है। जो बोर बचे हुए हैं उनमें भी पीने के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता नहीं है। साथ ही जो बारे, कुएं थे जिनमें पर्याप्त पानी है उन्हें अधिग्रहित कर लिया गया है। इनके माध्यम से शहर में पीने के पानी की सप्लाई की जा रही है।

वाशिंग सेंटरों से 75 हजार लीटर पानी खर्च : शहर में करीब 15 वाशिंग सेंटर है। यहां एक दिन में करीब 75 हजार लीटर पानी की बर्बादी होती है। यह पानी यदि लोगों को मिलता है तो एक वार्ड से अधिक लोगों पीने का पानी मिल सकता है।

मकान निर्माण भी नहीं रुक रहे : शहर में आदेश के बाद भी मकान निर्माण के कार्य चल रहे हैं। शहरी सीमा में करीब 1500 प्रधानमंत्री आवास योजना व करीब 200 निजी भवन निर्माण कार्य चल रहे हैं। इन भवनों में भी बड़ी मात्रा में पानी खर्च होता है।

शहर में अभी भी धड़ल्ले से निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। ऐसे में पानी की बर्बादी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। जबकि शासन ने मकान निर्माण पर सख्ती से रोग लगा दी है। साथ ही पानी का अपव्यय लगातार हो रहा है।

हजारों लीटर पानी रोज हो रहा बर्बाद, शहर में लोगों को पीने के लिए होना पड़ रहा परेशान

इन स्थानों पर धड़ल्ले से धोए जा रहे वाहन

शहर में दुल्हा बादशाह रोड, बस स्टैंड क्षेत्र, इंदौर नाका, पोस्ट ऑफिस रोड आदि जगहों पर वाशिंग सेंटरों पर धड़ल्ले से वाहनों की धुलाई की जा रही है। यहां पानी का अपव्यय अधिक किया जा रहा है।

कार्रवाई करेंगे

शहर में सभी निर्माण कार्य बंद कराने के आदेश दिए गए हैं। जिन क्षेत्रों में वाशिंग सेंटरों में पानी का अपव्यय किया जा रहा है। संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी। -राजकुमार खत्री, एसडीएम

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