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खेल-खेल में पढ़ाया, वेतन से गिफ्ट दिए, अब 2 गांवों के बच्चे बोल रहे अंग्रेजी

3 वर्ष पहले
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सीहोर ब्लॉक में दो गांवों में ऐसे सरकारी स्कूल भी हैं जहां शिक्षकों की मेहनत से बच्चों का शैक्षणिक स्तर प्राइवेट स्कूलों की अपेक्षा कहीं ज्यादा अच्छा है। स्कूल के चौथी कक्षा के बच्चे इंग्लिश में अपना इंट्रोडक्शन देते हैं। इतना ही नहीं बच्चे फर्राटे से इंग्लिश का कोई भी मैटर पढ़ लेते हैं। सरकारी स्कूल में बच्चों की अच्छी ग्रोथ देख इन गांवों में चलने वाले प्राइवेट स्कूल भी बंद हो गए हैं।

यह सुखद स्थिति है मिडिल स्कूल मूंडला खुर्द और मिडिल स्कूल कोड़िया छीतू की। दोनों सरकारी स्कूलों के बच्चे बेहतर अंग्रेजी जानते और समझते हैं।

खेल-खेल में अंग्रेजी सिखाने के लिए उनके शिक्षक भी कई प्रयोग करते रहते हैं। यहां तक कि ये शिक्षक बच्चों के लिए अलग-अलग प्रतियोगिताएं आयोजित करके उन्हें खुद की सेलरी से गिफ्ट भी देते हैं। कोड़िया छीतू में तो स्कूल पहुंचते ही बच्चों को अंग्रेजी से जुड़ी बातें दीवारों और क्लास के गेट पर देखने को मिलती हैं। खाली समय में बच्चे इन्हें पढ़ते रहते हैं। जबकि मूंडला खुर्द स्कूल के बच्चों को देखकर कोई भी यह नहीं कह सकेगा कि सरकारी स्कूल के बच्चे अंग्रेजी इतनी अच्छी पढ़ या बोल पाते हैं।

प्राइवेट स्कूल से कम नहीं है इन गांवों में सरकारी स्कूल के बच्चे, इसीलिए तीन साल में बंद हो गांव के प्राइवेट स्कूल

कॉपी में राइटिंग देखकर हैरान रह जाते हैं अधिकारी

मूंडला खुर्द के शिक्षक शाहिद अफजाल बताते हैं कि जब वे स्कूल में पदस्थ हुए तो उन्होंने यहां के बच्चों में अलग ही प्रतिभा देखी। उन्होंने इन बच्चों को अंग्रेजी में आगे लाने के लिए खूब मेहनत की। प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों की कर्सिव राइटिंग तो इतनी अच्छी है कि प्राइवेट स्कूल में 9 या 10 के बच्चे भी इतना सुंदर नहीं लिख पाएंगे। बच्चों को राइटिंग देखकर स्कूल में निरीक्षण करने आने वाले अधिकारी हैरान रह जाते हैं।

खेल-खेल में होती है पढ़ाई : कोड़िया छीतू मिडिल स्कूल के शिक्षक संजय सक्सेना के अनुसार बच्चों का अंग्रेजी में ज्ञान बढ़ाने के लिए यहां स्कूल में जगह-जगह दीवार और दरवाजों पर रोज उपयोग में आने वाले अंग या व्याकरण के संबंध में फ्लेक्स लगाए गए हैं। खेल-खेल में ये बच्चे इन्हें पढ़ते हैं। इसी आधार पर बच्चों की प्रतियोगिताएं होती हैं।

चौथी का बच्चा सुना देता है अच्छी अंग्रेजी में निबंध

मूंडला खुर्द में अब तक कक्षा 4 थी में अध्ययन करने वाले छात्र समीर खां ने गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में फर्राटेदार अंग्रेजी में निबंध सुनाया तो सुनने वाले हैरत में पड़ गए। कक्षा 6वीं की मोनिका और 5वीं के गौरव ने भी पूरी तरह से अंग्रेजी में अपना परिचय दिया। ऐसी प्रतिभा यहां हर बच्चे में है। शिक्षक श्री अफजाल यहां प्राइमरी स्कूल में पदस्थ हैं, लेकिन वे मिडिल तक के बच्चों को पढ़ाते हैं।

अच्छी पढ़ाई देखी तो अभिभावकों ने प्रायवेट स्कूल से निकाल कर सरकारी में भेजना शुरू किया

कोड़िया छीतू और मूंडला खुर्द गांव में पहले एक-एक प्राइवेट स्कूल था। लेकिन पिछले तीन साल में सरकारी स्कूल की अच्छी पढ़ाई देखते हुए यहां के अभिभावकों को अपने अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल से निकालकर सरकारी स्कूलों में भर्ती करा दिया। अब यहां एक भी प्राइवेट स्कूल नहीं है।

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