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सफाई नहीं होने से नालों में रुका है गंदा पानी, बीमारी फैलने की आशंका

3 वर्ष पहले
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शहर में साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर ख़ास कदम नहीं उठाए जा रहे है। स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे रिपोर्ट आने के बाद भी सेंधवा को रैंक में क्या स्थान मिला है, इसके बारे में नगर पालिका को कोई जानकारी नहीं मिली है। सर्वे होने के बाद भी रैंक का पता नहीं चला है। वही शहर में शहर के नालों में कचरा जमा हुआ है। अब कचरा ज्यादा होने से पानी भी रुकने लगा है। इससे मच्छरों का प्रकोप बड़ा है। बीमारी फैलने की आशंका बनी रहती है। शहर में लगाए गए डस्टबिन टूट चुके है। जिससे लोग सड़क पर कचरा फेंक रहे है।

शहर में बहने वाले नालों की नियमित साफ सफाई नहीं हो रही है। जिससे नाले में फेका गया कचरा एक स्थान पर एकत्रित हो रहा है। पानी रुक जाने से मच्छरों की परेशानी बड़ गई है। इससे लोग बीमार भी हो रहे है। सफाई नहीं की जाने से बारिश के दिनों में नाले में जमा कचरा सड़क पर आ सकता है। शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे होने के बाद भी सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।शहर में लगाए डस्टबिन भी टूट चुके है। डस्टबिनों को खाली नहीं किया जा रहा है। इससे सड़क पर कचरा फेका जा रहा है। साफ सफाई नहीं होने से शहर की सुंदरता पर दाग लगता जा रहा है। सफाई के प्रति जागरूकता नहीं होने से शहर में प्रतिदिन गंदगी बढ़ती जा रही है। लोगों को सफाई के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है।

शहर के नाले कचरे से भरने से रुक गया गंदा पानी।

डस्टबिन टूटे, नही दिया जा रहा ध्यान

शहर में सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैकने के लिए डस्टबिन लगाए गए थे। लेकिन इन नहीं को खाली कर सफाई नहीं की गई। इससे अब लोग सड़क पर ही कचरा फेंक रहे है। कई स्थानों पर डस्टबिन टूट चुके है। किला गेट पर लगाया गए डस्टबिन टूट चुके है। लोग अब सड़क पर ही कचरा फेक रहे है। इन डस्टबिन के पास दुकानदार ठेले भी खड़े कर रहे है। वही शहर में अन्य स्थानों पर लगाए गए डस्टबिन कचरे से पटे है। लेकिन साफ सफाई नहीं की जा रही है।

नियमित नहीं आ रही कचरा गाड़ी

शहर से कचरा एकत्रित करने के लिए नगर पालिका 8 वाहनों चला रही है। प्रतिदिन प्रत्येक वार्ड में गाड़ी कचरा उठाने के लिए जाना चाहिए। लेकिन एक दिन छोड़कर गाड़ियां कचरा उठाने पहुंच रही है। गाड़ी में सूखा कचरा और गीला कचरा ड़ालने के लिए दो डस्टबिन बनाए गए है। लेकिन लोग गीला और सूखा कचरा किसी भी डस्टबिन में डाल रहे है। कई गलियों में गाड़ी नहीं पहुंचने से लोग सड़क पर ही कचरा फेक रहे है। लोगों ने प्रतिदिन गाड़ी भेजने की मांग की है।

शहर के नालों का निरीक्षण कर सफाई करवाई जाएगी। डस्टबिन भी नए लगाए जाएंगे। लोगों को स्वच्छता रखने के लिए मुहीम चलाकर प्रेरित किया जाएगा। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए जनता का सहयोग लिया जाएगा। - मधु चौधरी, सीएमओ नगर पालिका सेंधवा।

ट्रेचिंग ग्राउंड नहीं होने से बनी परेशानी

शहर में ट्रेचिंग ग्राउंड नहीं होने से परेशानी बनी हुई है। कलालदा के पास जमीन का चयन किया गया था। विवादित जगह होने से कचरा नहीं फेका जा रहा है। शहर से एकत्रित किए गए कचरे को जोगवाड़ा में फेका जा रहा है। ट्रेचिंग ग्राउंड बनने से कचरे के निस्तारण की परेशानी दूर होगी। इसके लिए जल्द से जल्द जमीन आधिपत्य करने की कार्रवाई की जानी चाहिए।

टॉयलेट की नहीं हो रही सफाई

शहर में सार्वजनिक स्थानों पर टॉयलेट नहीं होने से लोगों को परेशानी उठाना पड़ती है। सेंधवा खेतिया स्टेट हाईवे के तीन किमी शहरी क्षेत्र में सिर्फ दो स्थानों पर टॉयलेट बनाए गए है। लेकिन पानी की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को परेशान होना पड़ता है। शहर के सिनेमा चौराहा से बड़ी संख्या में यात्री आना जाना करते है। यहां पर टॉयलेट नहीं होने से लोगों को परेशान होना पड़ता है।

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