70 ने दिए थे आवेदन, चार को ही मिला ऋण, समिति के माध्यम से करेंगे मांग
जिला प्रशासन ने सिकलीगरों के बीच आकर मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सहयोग के वादे किए थे। जो पूरे नहीं हुए। समाज के युवा रोजगार के लिए ऋण का इंतजार कर रहे हैं। 70 में से 4 को ही खुद का रोजगार शुरू करने के लिए ऋण मिला। इसलिए सिकलीगर उत्थान समिति शासन, प्रशासन से मांग करेगी।
वरला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने उमर्टी में मंगलवार को ये बात सिकलीगर उत्थान समिति के प्रदेश अध्यक्ष देवपालसिंह बावरा ने कही। उन्होंने कहा सिकलीगर समाज के युवाओं ने खुद का रोजगार शुरू कर बेहतर जीवन यापन करने का संकल्प लिया। इसके लिए तत्कालीन कलेक्टर और एसपी के नेतृत्व में उमर्टी में दो बार शिविर लगाया गया। इनमें जिला अफसरों ने शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देकर पंजीयन किया। दो साल बाद भी 4 परिवारों को ही ऋण मिला। समाज के कई युवक बेरोजगार घूम रहे रहे हैं। शासन रोजगार उपलब्ध करने का दावा तो करता है, लेकिन सिकलीगर सिख समाज को नहीं मिल रहा। इससे अब विवश होकर सिकलीगर सिख समाज उत्थान समिति का गठन किया गया है। इसके माध्यम से बनाई गई योजना के द्वारा शासन से समाज के उत्थान की मांग करते रहेंगे।
पहले साल समाज के 150 बच्चों का िनजी स्कूला में कराया प्रवेश
प्रदेश अध्यक्ष देवपालसिंह बावरा के साथ सिकलीगर समाज के लोग।
बदनाम है उमर्टी
सेंधवा विकासखंड में महाराष्ट्र की सीमा पर बसा उमर्टी अवैध हथियार निर्माण के मामले में बदनाम है। पुलिस कार्रवाई कर अवैध हथियार बनाने वाले सकलीगरों को पकड़ती है। समिति के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया उत्थान समिति की बड़वानी जिला इकाई का गठन किया है। इसमें जिला अध्यक्ष जालम सिंह जुनेजा, जिला उपाध्यक्ष अंतरसिंह बरनाला, प्रकाशसिंह पटवा, भंवरसिंह बरनाला, रविंद्र सिंह चावला, गोविंदसिंह बरनाला, अजीतसिंह बरनाला को नियुक्त किया है। समिति प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, प्रदेश के मुख्यमंत्री, राज्यपाल एवं संबंधित विभागों को समय-समय पर सिकलीगर समाज उत्थान के लिए पत्र लिखकर मांग करेगी।
नहीं करना चाहते हथियार निर्माण
प्रदेश उपाध्यक्ष जीतेंद्रसिंह टकराना ने बताया आखिर जिला प्रशासन सिकलीगर समाज के प्रति उपेक्षा का रवैया अपना रहा है। समाज को मुख्यधारा में जोड़ने हेतु कई बार सरकार एवं अफसरों को अपना दुखड़ा सुनाया ज्ञापन दिए लेकिन कुछ नहीं हुआ। समाज के लोग शस्त्र बनाने के क्षेत्र के व्यवसाय को छोड़ना चाहते हैं। सरकार हमारे परिवार के भरण पोषण के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराकर रोजगार मुहैया कराने में मदद करे।बच्चों के लिए शिक्षा प्राप्त करने के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध कराए। समाज के राजपाल सिंह जुनेजा ने बताया दो साल पहले समाज के 150 बच्चों का निजी विद्यालय में पढ़ाई हेतु प्रवेश कराया गया। इनकी शिक्षा का खर्च विदेश में रह रहे सिख समाजजन उठा रहे हैं। आईटीआई कॉलेज इंदौर में 25 सिकलीगर समाज के छात्रों का प्रवेश दिलाया है, जो कि आईटीआई करके अपने जीवन में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान अमृतसर पंजाब से 3 सदस्य टीम में ग्राम उमर्टी में आकर सभी सिकलीगर समाज के लोगों से समाज के विकास और उत्थान के लिए विशेष चर्चा का आयोजन किया गया।