अधिवक्ता मो. हुसैन खान ने कहा महिलाओं को भी है अधिकार, लेकिन जानकारी के अभाव में नहीं दे पाती तलाक
भास्कर संवाददाता | सेंधवा
शहर की एक मुस्लिम महिला ने पति से तलाक पाने के लिए न्यायालय में दावा पेश किया है। इस पर न्यायालय ने उसके पति को नोटिस जारी किया है। इसी तरह मुस्लिम महिलाएं भी न्यायालय या दारूल कजात के माध्यम से पति से तलाक प्राप्त सकती हैं लेकिन जानकारी के अभाव में कई मुस्लिम महिलाएं ऐसा नहीं कर पाती।
अधिवक्ता मो. हुसैन खान ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया शहर में रहने वाली मुस्लिम महिला की शादी 5 साल पहले कुक्षी निवासी युवक से हुई थी। महिला ने पति पर मारपीट, दहेज के लिए प्रताड़ित कर घर से भगा दिया था। तब से वो बच्चों के साथ मायके में रह रही है। अभिभाषक अहमद हुसैन खान के माध्यम से भरण पोषण का वाद लगाया था। न्यायालय ने भरण पोषण का आदेश दिया। पति ने तीन साल से 90 हजार रुपए भरण पोषण नहीं दिया। इस पर न्यायालय ने पति को गिरफ्तार करने का आदेश भी जारी किया। महिला ने तलाक देने के लिए पति को सूचनाएं भेजी लेकिन वो तलाक नहीं दे रहा है। इस पर महिला ने मुस्लिम विवाह विघटन अधिनियम के तहत व्यवहार न्यायाधीश मोहम्मद जफर खान के न्यायालय में तलाक के लिए वाद प्रस्तुत किया। इस पर न्यायालय ने उसका पक्ष देखकर पति को नोटिस जारी किया।
प्रदान करेंगे नि:शुल्क सहायता
अधिवक्ता मो. हुसैन खान ने बताया ऐसी कई महिलाएं है जो पति से तलाक लेना चाहती हैं लेकिन पति तलाक नहीं दे रहा ऐसी स्थिति में मुस्लिम महिलाएं भी न्यायालय या दारूल कजात के माध्यम से तलाक ले सकती है लेकिन जानकारी के अभाव में ऐसा नहीं कर पाती। इसलिए वे महिलाओं को नि:शुल्क सहायता प्रदान करेंगे।