बसों की हड़ताल से सोमवार को बस सेवा ठप रही। हड़ताल की जानकारी नहीं होने से बस स्टैंड पहुंचे कुछ यात्री परेशान हुए। छोटे यात्री वाहनों से गंतव्य तक गए। वहीं ग्रामीण क्षेत्र से परीक्षा देने विद्यार्थी निजी वाहनों से शहर आए।
शहर से 6 रूटों पर 100 से अधिक बसें प्रतिदिन चलती है। दो हजार यात्री बस स्टैंड आते जाते हैं। हड़ताल के चलते बसें बंद होने से सोमवार को बस स्टैंड सुनसान रहा। बस स्टैंड परिसर और बाहर की होटले और दुकानें भी बंद रही। जानकारी नहीं होने और आवश्यक काम से बाहर जाने के लिए ग्रामीण क्षेत्र से लोग बस स्टैंड पहुंचे। कई घंटे इंतजार के बाद जीप और पिकअप में सवार होकर गंतव्य तक गए। महाराष्ट्र से बस से शहर पहुंचे ग्रामीणों ने बताया वे मजदूरी कर गांव झोपाली जा रहे हैं। हड़ताल की जानकारी नहीं थी। बसें नहीं चलने से पिकअप में सवार होकर गांव गए। दोपहर बाद बस स्टैंड क्षेत्र में सन्नाटा पसरा रहा। जीप चालक संतोष पाटिल ने बताया शिरपुर से 6 यात्रियों को सेंधवा लाया। डीजल का भी खर्चा नहीं निकाला। दो घंटे से सवारी का इंतजार कर रहा हूं।
बस एसोसिएशन की हड़ताल से परेशान हुए यात्री
राजपुर | नगर में शुरू हुई बस हड़ताल को लेकर यात्रियों को दिनभर परेशान होना पड़ा। शादियों में जाने वाले लोगों को मंजिल तक पहुंचने बसें नहीं मिली। बस एसोसिएशन जिलाध्यक्ष महेश बर्मन ने बताया 2014 में 15फीसदी किराया बढ़ाया गया था। तब से किराया नहीं बढ़ाया गया है। जबकि इस दौरान डीजल 23 रुपए प्रतिलीटर बढ़ा है। साथ ही अन्य शुल्क भी बढ़े हैं। इसलिए किराया बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल शुरू की है।
हड़ताल के कारण बस स्टैंड पर पसरा सन्नाटा।
नहीं थी हड़ताल की जानकारी
बलवाड़ी. हड़ताल के कारण सेंधवा, बलवाड़ी, वरला, बड़वानी, खरगोन, धवली एवं ग्रामीण अंचल में चलने वाली बस सेवा पूरी तरीके से ठप रही। बस हड़ताल के चलते आने जाने वाले के सैकड़ों यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों को हड़ताल की जानकारी नहीं होने के कारण घंटों बस स्टैंड पर धूप में बैठना पड़ा। कुछ मार्गों पर निजी वाहन से सवारियों का आना-जाना जारी रहा। बसों की हड़ताल के कारण कॉलेज के विद्यार्थी निजी वाहन से परीक्षा देने गए।
बस स्टैंड आए ग्रामीण लौट गए घर
चाचरिया | बस किराया बढ़ाने की मांग को लेकर हुई हड़ताल के कारण सोमवार को चाचरिया से सेंधवा, धूलकोट, खरगोन, धावड़ा, धावड़ी, गुमड़िया, सिरवेल, बारूड़ आने जाने वाली करीब 30 बसों का संचालन नहीं हुआ। जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। चाचरिया के आसपास के गांव के लोग भी गांव में बाहर जाने के लिए आए लेकिन बसों की हड़ताल के चलते यात्रियों को वापस घर लौटना पड़ा।
बस हड़ताल से रहा सन्नाटा
जुलवानिया | बस एसोसिएशन की हड़ताल के चलते सोमवार को लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा है। वहीं दिनभर बस स्टैंड पर सन्नाटा पसरा रहा। यात्रियों को निजी वाहनों से अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। भाईदास ढोले व सुनील जायसवाल ने बताया बस हड़ताल की बजह से बाजार में भी कम हलचल रही।