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बलवाड़ी अस्पताल होगा डॉक्टर विहीन, वरला में बचेगा 1 डॉक्टर

3 वर्ष पहले
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विकासखंड के वरला और बलवाड़ी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ दो डॉक्टर पीजी और डिप्लोमा कोर्स करने जा रहे हैं। इससे वरला में एक ही डॉक्टर बचेगा वहीं बलवाड़ी अस्पताल डॉक्टर विहीन हो जाएगा। इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी।

सिविल अस्पताल से प्राप्त जानकारी के अनुसार बलवाड़ी में पदस्थ मेडिकल आॅफिसर डॉ. संजय जाट ऑप्थेलमोलॉजी का दो साल का डिप्लोमा कोर्स करने भोपाल जा रहे हैं। वो जल्द ही रिलीव हो जाएंगे। दो साल बाद लौटेंगे। इनके अलावा वरला में पदस्थ डॉ. राजेंद्र ठाकूर पीजी कोर्स करने जा रहे हैं। उनका पद रिक्त हो जाएगा। वरला में दो डॉक्टर पदस्थ हैं। डॉ. ठाकुर के जाने के बाद एक ही रह जाएगा। वहीं बलवाड़ी में अस्पताल डॉक्टर विहीन हो जाएगा। डॉक्टरों की कमी से क्षेत्र के मरीजों को परेशान होना पड़ेगा।

धनोरा में नहीं है कोई डॉक्टर

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धनोरा में पदस्थ डॉ. अंशू वर्मा की शादी होने के बाद नौकरी छोड़ दी थी। जिस कारण दो माह से पद रिक्त है। कई दिनों तक वार्डबाय और एएनएम के भरोसे था। इसके बाद आसपास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के तीन डॉक्टरों की ड्यूटी एक-एक दिन के लिए लगाई गई है। दावलबैड़ी स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी डॉक्टर का पद रिक्त है। यहां पदस्थ संविदा डॉक्टर की नियमित नियुक्ति होने से उन्होंने सिविल अस्पताल में ज्वाइन किया। इसके बाद से पद खाली पड़ा है। इससे क्षेत्र के लोगों को इलाज कराने सिविल अस्पताल आना पड़ता है।

डॉक्टर की ज्वाइनिंग पर सेंधवा को देंगे प्राथमिकता

और इधर, लार्वा सर्वे कराएंगे, फिकवाएंगे पानी

सिविल अस्पताल में कर्मचारियों को डेंगू की रोकथाम के संबंध में जानकारी देते बीएमओ डॉ. जेपी पंडित।

सिविल अस्पताल में बुधवार को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया गया। अफसरों एवं कर्मचारियों ने डेंगू की रोकथाम के संबंध में चर्चा की। बीएमओ डाॅ. जेपी पंडित ने कर्मचारियों को शपथ दिलाई। कर्मचारियों ने शपथ ली कि वे अपने घरों को एवं आपने आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखेंगे। घर में कार्यस्थल में तथा खुली जगह पर जल का जमाव नहीं होने देंगे। संक्रमित मच्छरों से होने वाले डेंगू रोग से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु ना हो इसके पूर्ण प्रयास करेंगे। हम सभी जल स्त्रोतों की सफाई का ध्यान रखेंगे। मच्छरदानियों का उपयोग अवश्य करेंगे। हम अपने घर एवं आसपास में डेंगू फैलाने वाले मच्छरों की उत्पत्ति को राेकने के लिए साप्ताहिक अभियान चलाकर समस्त जलपात्र, कूलर को खाली कर सुखाएंगे। घर, गांव, विकासखंड, शहर एवं कार्यालय को मच्छर मुक्त करने में अपना पूर्ण सहयोग देंगे। अन्य को भी जागरूक करेंगे। सामूहिक चर्चा एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम में सिविल अस्पताल के कर्मचारी एवं अधिकारी भी उपस्थित हुए। मलेरिया निरीक्षक मंशाराम वर्मा ने बताया डेंगू की रोकथाम के लिए प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

अस्पताल में कराएं जांच

बीएमओ ने बताया कि डेंगू वायरल रोग है, जो संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। डेंगू होने पर व्यक्ति को तेज बुखार, शरीर में दर्द, आंखों में दर्द और त्वचा पर चकत्ते जैसे लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर शासकीय अस्पताल में जांच करानी चाहिए। उन्होंने बताया कि बारिश के दौरान कर्मचारी लोगों को बचाव के तरीके बताएंगे। लार्वा सर्वे किया जाएगा। गौरतलब है कि विकासखंड के उमर्टी में पांच साल पहले डेंगू के दो मरीज मिले थे।

डॉक्टरों की कमी की समस्या से सीएमएचओ को अवगत कराया है। उन्होंने कहा है कि नए डॉक्टर ज्वाइन होने पर सेंधवा को प्राथमिकता दी जाएगी। तब तक वैकल्पिक व्यवस्था करेंगे। -डॉ. जेपी पंडित, बीएमओ, सेंधवा

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