रमजान में जितना हो सके लोगों को फायदा पहुंचाएं
रमजान पवित्र महीना है। इसमें रोजा रखने के साथ-साथ नमाज भी पढ़ना। जितना हो सके लोगों को फायदा पहुंचाना। जितना फायदा लोगों को पहुंचाएंगे हम उतने बड़े आदमी बन जाएंगे।
उत्तर प्रदेश के हाफिज कारी गुलाम नबी ने ये बात कही। वे गुरुवार से शुरू होने वाले पवित्र रमजान माह के इस्तकबाल के लिए सुन्नी यूथ विंग ईमान तंजीम द्वारा आयोजित इज्तेमा में बोल रहे थे। सोमवार रात शहर के दावल बैड़ी पर सुन्नी इज्तेमा आयोजित किया गया। इज्तेमा की शुरुआत हाफिज कफील चिश्ती ने तिलावते कुरान से की। तिलावते कुरान के बाद मौलाना शमशाद ने नाते पाक में पेश की। इसके बाद हाफिज बने परवेज पिता मेहमूद (17), हाफिज फाइज पिता फिरोज (12), हाफिज फैजान पिता हाफिज साबिर रजा (12) व तीन बच्चों को सम्मानित किया गया। इन्होंने कम उम्र में कुरान को याद किया और हाफिज बनकर हमारे शहर का नाम रोशन किया। शहर के शाही इमाम मुफ्ती कासिम साहब ने बताया एक हाफिज बनने से परिवार की 7 पीढ़ियों की गलती और गुनाहों को माफी मिलती है। इस अवसर पर दावलबैड़ी की सुन्नी मोहम्मदी मस्जिद कमेटी ने और सुन्नी यूथ विंग के सभी पदाधिकारियों ने तीनों बच्चों का और शहर के सभी ओलमा अहले सुन्नत का फूल हार से स्वागत किया। सुन्नी यूथ विंग ने उपहार दिए। संचालन हाफिज असलम रजा ने किया। इस मौके पर सुन्नी मुहम्मदी मस्जिद के इमाम हाफिज कफील चिश्ती, सदर रफीक शेख, शकील बेग, शोएब शेख, सिकंदर मंसूरी, आरिफ भाई, अजहर बेग, जावेद खान, समीर भुट्टो, एजाज नूरी, समिर भाई, फिरोज भाई, नावेद भाई, मुन्ना मामू, सगीर बाबा, युसूफ बाबा मौजूद थे।
दावल बैड़ी पर सुन्नी यूथ विंग ईमान तंजीम द्वारा आयोजित इज्तेमा में हाफिज कारी गुलाम नबी ने कहा-
इज्तेमा में संबोधित करते उत्तर प्रदेश के हाफिज कारी गुलाम नबी।