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दस्तावेज बेवसाइट पर जल्द अपलोड करंे, ताकी कर दाता न हो परेशान

3 वर्ष पहले
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आयकर अधिनियम के प्रावधानों के तहत वित वर्ष 2017-18 के लिए जिन करदाताओं का ऑडिट होता है। उन्हें छोड़कर अन्य सभी करदाताओं के लिए केन्द्रीय प्रत्यक्ष बोर्ड द्वारा निर्धारित प्रारूप जारी कर दिए गए हैं। अब आयकरदाता अपनी विवरणियां जमा कर सकेंगे।

शहर के वरिष्ठ कर सलाहकार बीएल जैन ने इस मामले को लेकर 11 मई को प्रधानमंत्री, केन्द्रीय वित्त मंत्री, केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड एवं राजस्व सचिव हंसमुख आढ़िया को ई-मेल से पत्र प्रेषित कर अवगत कराया था। आयकर अधिनियम के प्रावधानों के तहत जिन करदाताओं का ऑडिट नहीं होता है। उन्हें 31 जुलाई तक आयकर विवरणी दाखिल करना होती है, यदि किसी करदाता द्वारा 31 जुलाई के बाद आयकर विवरणी जमा की जाती है तो विलंब होने पर 31 जुलाई के बाद 5 हजार रुपए एवं 31 दिसम्बर बाद 10 हजार रुपए पेनल्टी देना होगी। नियमानुसार आयकर विभाग को 1 अप्रैल को ही आयकर विवरणी के प्रारूप वेबसाइट पर अपलोड कर देना चाहिए था।

विभिन्न करदाताओं के लिए अलग-अलग प्रारूप आयकर विभाग द्वारा प्रत्येक वित्त वर्ष के लिए जारी किए जाते है। इस बार 14 अप्रैल को केवल फार्म वन ही जारी किया गया। जिसमें वेतन भोगी कर्मचारी अपनी विवरणी दाखिल कर सकते है।

10 मई को विभाग द्वारा फार्म नंबर चार जारी किया गया

शेष फार्म अभी तक जारी नहीं किए गए है। ऐसी स्थिति में उसे विवरणी भरने के लिए चार माह की जो सुविधा दी गई थी। उसमें से भी 40 दिन तक विभाग ने लापरवाही से फार्म ही जारी नहीं किए। करदाता को प्राप्त समय सीमा मे कटौती कर दी है। ऐसी स्थिति मे विलंब होने पर इसका खामियाजा आयकरदाता को अनावश्यक रूप से पेनल्टी के रूप में भुगतना पड़ेगा। इस पर आयकर विभाग ने तत्परता दिखाते हुए 15 मई को प्रारूप-2 एवं 18 मई को प्रारूप-3 ई-फाइलिंग वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। ऐसी स्थिति में आयकरदाता अब अपनी आयकर विवरणी प्रस्तुत कर सकेंगे। हालांकि उसे दिए गए समय में से 48 दिवस बाद विवरणी अपलोड हुई हैं। जैन ने आयकर विभाग से ए पुनः मांग की है कि शेष अन्य प्रारूप भी शीघ्रतापूर्वक ई-फाइलिंग वेबसाइट पर अपलोड किए जाए। ताकि ऑडिट वाले करदाताओं को परेशानी नहीं उठानी पड़े।

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