शाहाबाद: एमटीसी वार्ड में शिशु रोग विशेषज्ञ-महिला डॉक्टर ही नहीं
शाहाबाद. एमटीसी वार्ड में मरीज तो हैं, लेकिन उनके लिए डॉक्टर नहीं हैं।
शाहाबाद| आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में कुपोषित बच्चों के इलाज के लिए कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेष वार्ड बनाया गया था, जिसमें कुपोषित बच्चों का इलाज किया जाता है।
जिससे सहरिया समुदाय के बच्चों की मृत्यु दर कम हुई है, लेकिन प्रशासन की लापरवाही के चलते इस उपचार केंद्र पर सरकार का ध्यान नहीं है।
कुपोषित वार्ड के लिए अलग से नर्सिंग स्टाफ लगाया जाता है, जो इस वर्ष बजट खत्म हो जाने कारण नहीं लगाया गया। इस वार्ड को संचालित किए हुए लगभग 12 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अभी तक भी यहां पर शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं लगाया है। जबकि ऐसे वार्ड में शिशु रोग विशेषज्ञ की जरूरत है। कस्बे के सीताराम बामनिया, हेमजी हाड़ा, शाकिर मंसूरी, मनीष बंसल, अनुज बंसल, विक्की सोनी, सुनील प्रजापत, ललित वर्मा, विक्रम यादव, नरेंद्र धानुक, अजय वर्मा, रोहित नामदेव, मनीष चौरसिया, सुरेंद्र व्यास आदि ने प्रशासन से मांग की है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला डॉक्टर एवं शिशु रोग विशेषज्ञ लगाए जाएं। सीएमएचओ डॉ. संपतराज नागर ने बताया कि अभी बजट नहीं होने के कारण स्टाफ की कमी चल रही है। जैसे ही बजट आएगा वार्ड के लिए अलग से स्टाफ लगा दिया जाएगा। इसके लिए उच्चाधिकारियों को भी अवगत करवा दिया गया है।