भक्त के सहयोग के लिए स्वयं आते हैं भगवान: पंडित भूपेंद्र
शाहपुर | भयावाड़ी के बड़देव में बुधवार को भागवत कथा के पहले दिन भागवत कथा, कलश यात्रा और भक्ति का महत्व बताया। पं भूपेंद्र ने कथा को विस्तार देते हुए कहा कि जीवन का कोई ठिकाना नहीं, यह तय है कि जीवन और मृत्यु 7 दिन में ही होगी, लेकिन यह नहीं मालूम कब। इसलिए जीवन में कुछ ऐसा जरूर करें कि आपको पुण्य लोक की प्राप्त हो। भागवत कथा से सत्य व्यवहार, गुरुजनों का सम्मान और परिस्थितियों से निपटने मार्ग दर्शन मिलता है। मनुष्य भगवान का स्मरण कर मानवीय दायित्व का निर्वहन करे, तो स्वयं भगवान भक्त के पास पहुंचकर उसका हाथ थाम लेते हैं।