घोड़ाडोंगरी की रामपुर पंचायत से 10 किलोमीटर दूर वन भूमि पर 2001 से बसे दानवाखेड़ा को न राजस्व ग्राम माना गया है ना ही वन ग्राम। यहां के निवासी अभी तक बैतूल के मतदाता की सूची में शामिल हैं। शुक्रवार को ग्रामीणो ने बैतूल पहुंचकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने वोटर लिस्ट में नाम जोड़कर राशन कार्ड, जाबकार्ड बनाने, वनाधिकार पट्टा देने की मांग की है। यहां के ग्रामीणों ने रामपुर पंचायत से जोड़कर दानवाखेड़ा को गांव का दर्जा देने की मांग की है।
ना स्कूल बना न बनी सड़क
दानवाखेड़ा के शेखलाल, पिपरलाल, मांग सिंह ने बताया वे यहां 2001 से निवास करने के बाद भी उन्हें मतदाता सूची में शामिल नहीं किया गया है। गांव में 500 की आबादी में से 250 लोग ही मतदाता सूची में शामिल होने की पात्रता रखते हैं। 2013 के पहले घोडाडोंगरी में फार्म भरकर देने के बाद भी आज तक नाम नहीं जुड़ पाए हैं। गांव के बच्चों को पढ़ने के लिए स्कूल और आंगनबाड़ी भी नहीं है।