भयावाड़ी बड़देव पर चल रही भागवत कथा के तीसरे दिन पंडित भूपेंंद्र शास्त्री ने धर्म की रक्षा और सृष्टि को बचाने के लिए हुए भगवान के अवतारों की कथा सुनाई। उन्होंने कहा इस संसार में जन्म लेने वाले की मृत्यु अटल है। यह जानते हुए भी हम इस सत्य को झुठलाने का प्रयास करते हैंं। अपनी परेशानियों का समाधान भौतिक संसाधनों में तलाशते हैंं। इससे सिर्फ अशांति मिलती है। हमारे धर्म शास्त्रों में जीवन, जीने के लिए आचार संहिता है। इस पर चलकर मनुष्य अपना जीवन सार्थक कर सकता है। कथावाचक ने गुरु की महिमा बताते हुए कहा कि सदगुरु की कृपा से ही आप ईश्वर को पा सकते हैं। भारतीय दर्शन में भक्ति, ज्ञान, वैराग्य अौर तप का विशेष महत्व है। सदगुरु के सानिध्य के बिना संभव नहीं।