शाहाबाद | पंडित प्रहलाद मिश्र रामायणी ने कथा में भगवान श्री राम के बाल जीवन का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान राम ने अपने बाल जीवन में ही मर्यादा पुरुषोत्तम होने के संकेत दर्शा दिए थे। उन्होंने कहा कि भगवान का केवल एक मात्र यही अवतार हुआ है जिसमें उन्होंने मातृ पितृ सहित सभी मर्यादाओं को निभाते हुए संसारिक जीवन में आम आदमी के साथ होने वाली घटनाओं को चरित्रार्थ किया है। सुंदरकांड महिला संकीर्तन मंडल की प्रधान कमल ढींगरा व वीना सचदेवा ने सभा में सहयोग करने वालों को स्मृति चिंह भेंट किए। मौके पर ऋषि गंभीर, बलदेव राज सेठी, उमेश शर्मा, ईशा सचदेवा, सीमा, सुशीला, उषा, सुषमा, बबीता, अनीता, शांति देवी, ममता, राजवंती, अनीता आदि उपस्थित थीं।