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सूखा भाईचारा, बच्चों की छुट्टियां टैंकर की कतार में गुम, महिलाएं कर रही हैं कमरतोड़ मेहनत

3 वर्ष पहले
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पहले से डार्कजोन घोषित बहरोड़ उपखंड में पानी के लिए हाहाकार मच गया है। ट्यूबवैलों में 1000 फीट पर भी पानी नहीं निकल रहा। सरकार ने टैंकर से पानी पहुंचाने की कवायद की, लेकिन इनसे पार पड़ना तो दूर ये झगड़े की वजह बन गए हैं। टैंकरों आने की खबर मात्र से ही गांव में लंबी कतार लग जाती हैं। जहां कतार में नंबर आने तक बच्चों को लगा दिया जाता है। बारी को लेकर रोज झगड़े हो रहे हैं। दैनिक जरूरत को भी पानी नहीं बचा है। नौबत ये आ गई है कि लोग मिलने-जुलने वालों को मांगने पर पानी की मदद नहीं कर रहे। पशुपालकों की परेशानी गंभीर है। मवेशियों के लिए काफी पानी चाहिए, लेकिन उपलब्ध नहीं है। परिवार में हालात पर जलदाय विभाग का कहना है कि डीप बोरवेल खोदे गए हैं और अगले सप्ताह तक इनमें बिजली कनेक्शन हो जाएगा। इसके बाद हालात कुछ सुधर सकते हैं। दूसरी तरफ लोगों का कहना है कि समूचे उपखंड क्षेत्र में पानी का कुप्रबंधन समस्या बढ़ा रहा है। हाईवे पर 30 से ज्यादा अवैध वाहन सर्विस स्टेशन खुले हुए हैं। जहां कई लाख लीटर पानी हर रोज वाहनों की धुलाई में बर्बाद होता है। औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्रियां भी जमीन का पानी खींच रही हैं। किल्लत के समय भी इन पर कोई पाबंदी नहीं है।

भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट : किस गांव में क्या हालात

दहमी, हमजापुर व अनंतपुरा में ट्यूबवैलों का पानी नीचे चला गया है। ज्यादातर ट्यूबवैल सूख गए हैं। इंसानों का जुगाड़ तो हो जाता है लेकिन दुधारू पशुओं के लिए पानी की पूर्ति नहीं हो रही।

समाधान: जलदाय विभाग ट्यूबवैलों से सप्लाई कर रहा है। दहमी-हमजापुर में रोजाना 4 और अनंतपुरा में तीन टैंकर पानी ही पहुंच पा रहा है। लाइनों में लगे लोग बारी को लेकर झगड़ते हैं। बर्तन टूट भी रहे है।

जखराना, कोहराना, निम्भोर, खोहर-बसई, भगवाड़ी में जलापूर्ति नहीं हो रही। निजी ट्रैक्टरों से दूरदराज के क्षेत्र से पानी लाया जा रहा है।

समाधान: दहमी-हमजापुर व अनंतपुरा के लिए खोदे एक हजार फीट गहरे ट्यूबवैल से पानी की सप्लाई करने की तैयारी है। बिजली का कनेक्शन होना बाकी है। यह पानी कितने दिन चलेगा, यह भी चिंता की बात।

बहरोड़. दहमी गांव में पानी के लिए मशक्कत करते लोग।

इन गांवों में लगातार गिर रहा है भूजल : बारिश की कमी से भू-जल स्तर 1000 फीट से नीचे चला गया है। हरियाणा सीमा के गांव जखराना, भगवाड़ी, जटगांवड़ा, नारेड़ा, अकलीमपुर, अनन्तपुरा, कोहराना, ऊंटोली, बनहड़, नायसराना, खोहरी, खापरिया, बालपुरा, कुरैली में पानी नहीं बचा है।

प्रतिदिन कई लाख लीटर पानी बर्बाद : पानी की किल्लत में सोतानाला से लेकर शाहजहांपुर तक खुले तीन दर्जन से अधिक वाहन सर्विस स्टेशन कंगाली में आटा गीला वाले हालात पैदा कर रहे हैं। यहां हर रोज कार, जीप, ट्रक, बस, कंटेनर, बाइक, पिकअप, ट्रैक्टर-ट्राली सहित अन्य वाहनों की धुलाई में कई लाख लीटर पानी बर्बाद किया जाता है।

दहमी, हमजापुर व अनंतपुरा में ट्यूबवैल लगभग फेल हो गए है। पिछले माह से टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। नए ट्यूबवैल खोदे जा चुके है। बिजली कनेक्शन होने पर पानी सप्लाई किया जाएगा। अन्य गांवों में मांग के अनुसार टैंकर भेजने के प्रयास किए जा रहे है। -अशोक यादव, एक्सीएन, जलदाय विभाग बहरोड़

24 में से 12 घंटे पानी के थका देने वाले जुगाड़ के नाम

राठ में पानी की किल्लत का सबसे ज्यादा दर्द महिलाओं को मिल रहा है। दरअसल गांवों में पानी का इंतजाम उनकी जिम्मेदारी हुआ करती है। अब इसे निभाने में उन्हें दोगुनी मेहनत करनी पड़ रही है। हर रोज सुबह 4 बजे से पानी की जद्दोजहद शुरु होती है जो दुपहरी तक चलती है। फिर भी जरूरत का पानी नहीं मिल पाता। औसतन 12 घंटे तक पानी के इंतजाम में खर्च हो रहे हैं। खेत, खलिहान व घरेलू कामकाज अलग। इसमें भी मवेशियों के लिए तो पानी मिल ही नहीं पाता। इससे पशुपालन पर निर्भर परिवारों का दूध उत्पादन कम हो गया है। टैंकर खरीदने पानी जुटाने पर खासा पैसा खर्च हो रहा है सो अलग।

पानी की समस्या है तो इन नंबरों पर करें शिकायत

अलवर|
जलदाय विभाग ने उपखण्ड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। विभाग के अधीक्षण अभियंता आदित्य शर्मा ने बताया कि बहरोड़ उपखण्ड के लिए सहायक अभियंता रामकिशोर यादव (मो.न.8233805555), नीमराणा उपखंड के लिए सहायक अभियन्ता राजेंद्र प्रसाद यादव (मो.न. 9414638925), मुंडावर उपखंड के लिए सहायक अभियंता चंद्रशेखर (मो.न. 9950136909) को कन्ट्रोल रूम का प्रभारी लगाया गया है।

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