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5 साल पहले बेटियों की कुश्ती पर सवाल उठाते थे आज 2 अखाड़े, राजस्थान-एमपी कुमारी बनी मनीषा

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | भीलवाड़ा

बेटियों को पहलवान बनाने के लिए भीलवाड़ा शहर में बड़ी पहल हुई है। पांच साल पहले बेटियों की कुश्ती पर लोग तरह-तरह के सवाल करते थे लेकिन आज भीलवाड़ा की बेटियों के लिए दो अखाड़े बन चुके हैं। रविवार को उदयपुर में हुए राजस्थान-मध्यप्रदेश कुमारी व केसरी प्रतियोगिता में पहली बार भीलवाड़ा की मनीषा माली ने कुमारी का खिताब जीता है।

लक्ष्मीनाथ केसरी कैटेगरी में चौथे नंबर पर रहीं। दोनों श्री कृष्ण व्यायामशाला की पहलवान हैं। भीलवाड़ा में सबसे पहले लड़कियों की कुश्ती की शुरुआत इसी व्यायामशाला में हुई थी। राजस्थान कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष तेजेंद्र गुर्जर बताते हैं कि अभी अखाड़े में रोज करीब 20 से 25 लड़कियां दांव-पेच सीख रही हैं।

भीलवाड़ा. वर्ष 2012 से पहले भीलवाड़ा में शूटिंग के नाम पर कुछ नहीं था। वर्ष 2012 में दो-तीन गर्ल्स ने इसकी शुरुआत की। वे अब अच्छे मुकाम पर हैं। भीलवाड़ा से पहली बार पांच बेटियां एक साथ भारतीय टीम में चयन के लिए दिल्ली गई हैं। अब शूटिंग का क्रेज ऐसा है कि यहां राष्ट्रीय और राज्यस्तर के 20 शूटर हैं। राष्ट्रीय स्पर्धा में खेल चुके सिद्धार्थसिंह राठौड़ अब सेना में कर्नल हैं। भीलवाड़ा में चार साल में करीब 50 खिलाड़ी शूटिंग का अभ्यास करने लगे हैं।

शूटिंग | ये बेटियां हैं अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा की चयन ट्रायल में... जिला शूटिंग एसोसिएशन के सचिव भगवतसिंह कानावत ने बताया कि शिवांगी कानावत प्वाइंट टू टू में 50 मीटर के लिए, आकांक्षा कानावत 10 मीटर, हुरड़ा क्षेत्र के लक्ष्मीपुरा गांव की मुस्कान बानू 10 मीटर, शाहपुरा की दर्शनी राठौड़ शॉर्ट गन (स्किट) में और प्रियंका यादव पिस्टल में ट्रायल में हैं। सलेक्शन होने पर इनको इंडिया टीम के लिए खेलने का मौका मिलेगा।

शिवांगी कानावत

प्वाइंट 2-2 में 50 मीटर

मनीषा माली

केसरी प्रतियोगिता में जीतीं

सुबह पांच बजे शुरू हो जाता है ‘दंगल’... भीलवाड़ा की श्रीकृष्ण और पुर की शिव व्यायामशाला में बेटियां कुश्ती के गुर सीख रही हैं। इन अखाड़ों में सुबह पांच बजे कुश्ती के अभ्यास का दंगल शुरू हो जाता है। सुबह सात बजे तक यहां कुश्ती से जुड़े व्यायाम और अभ्यास किए जाते हैं और शाम को फिर पांच बजे से रात आठ बजे तक दाव पेच सिखाए जा रहे हैं। फिलहाल दोनों अखाड़ों में 30 से 40 बेटियां रोज प्रशिक्षण ले रही हैं। जिनमें छोटी लड़कियां भी हैं।

पुर में रोज चार अखाड़ों में दांव-पेच लगाते हैं 100 पहलवान... कुश्ती प्रशिक्षक कल्याण विश्नोई बताते हैं कि पुर में कुश्ती का इतना क्रेज है कि शिव, श्रीराम, नीलकंठ व बजरंग व्यायामशाला में सुबह और शाम को रोज करीब 100 पहलवान जोर आजमाइश करते हैं। इनमें शिव व्यायामशाला ऐसी हैं जिनमें रोज करीब 15 से 20 लड़कियां भी कुश्ती के दांव-पेच सीख रही हैं। पुर कुश्ती में इतना प्रसिद्ध हो चुका है कि बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहलाने वाले अभिनेता आमिर खान की फिल्म दंगल में उनके साथ पुर के पहलवान निर्मल विश्नोई दिखाई दिए थे।

चार बेटियां और इंडिया टीम ट्रायल में

2.50 करोड़ में बनेगी इंटरनेशनल शूटिंग रेंज, एक साथ 40 शूटर साधेंगे निशाना.. भीलवाड़ा में बढ़ते शूटिंग के क्रेज का ही परिणाम है कि यहां बहुत जल्द इंटरनेशनल लेवल की शूटिंग रेंज सुखाड़िया स्टेडियम में बनने वाली है। यूआईटी ने इसके टेंडर कॉल कर लिए हैं। रेंज बनने से यहां के खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। अभी यहां के खिलाड़ियों को जयपुर व नई दिल्ली में रहकर ही अभ्यास करना पड़ रहा है। यहां बनने वाली शूटिंग रेंज में 10 मीटर में एक साथ 40 शूटर निशाना साध सकेंगे।

अखाड़ों में 40 बेटियां ले रहीं प्रशिक्षण

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