पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • 21 साल की रेखाश्री ने ली बड़ी दीक्षा,चाचा पद्मभूषण सूरीश्वर बने गुरु,परिवार से 9वीं संत बनीं

21 साल की रेखाश्री ने ली बड़ी दीक्षा,चाचा पद्मभूषण सूरीश्वर बने गुरु,परिवार से 9वीं संत बनीं

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
आचार्य भगवंत पद्मभूषण र| सुरीश्वर के सान्निध्य में साध्वी रेखाश्री की बड़ी दीक्षा शनिवार को विधि पूर्वक यहां श्री वर्धमान भवन में हुई। मूलत: बाड़मेर जिले के पादरू में रहने वाले परिवार की वे नौवीं सदस्य हैं जिन्होंने वैराग्य अपनाया।

सुबह 7:45 बजे बड़ी दीक्षा का पाठ आचार्य के सान्निध्य में शुरू हुआ। उत्सव के गौरव एवं बाहर से आए अतिथियों का श्री संघ की तरफ से बहुमान के बाद यश वेणी महिला मंडल की ओर से स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। मुख्य अतिथि कानसिंह ओस्तवाल, विशिष्ट अतिथि ताराचंद बंब तथा भीलवाड़ा से आए तेजसिंह नाहर ने विचार व्यक्त किए। उन्होंने आचार्य के आगामी कार्यक्रम की सूचना दी। संघ के अध्यक्ष सुनील गोखरू ने आभार व्यक्त किया। संचालन शांतिलाल कांठेड़ ने किया। साध्वी रेखाश्री का सांसारिक परिवार इस कार्यक्रम में उपस्थित रहा। अध्यक्ष गोखरू ने बताया कि दीक्षार्थी के सांसारिक परिवार से यह 9वीं दीक्षा थीं। उनसे पूर्व दीक्षित सांसरिक परिवार के सभी 8 साधु-साध्वी समारोह में शरीक थे। उल्लेखनीय है कि 21 वर्षीया कृपाली की छोटी दीक्षा राजसमंद जिले में नाथद्वारा के पास गांव झालों की मदार में 16 जून, 2018 को हुई थी। वहां नामकरण रेखाश्री किया गया। उन्होंने 10वीं तक अकादमिक शिक्षा लेने के बाद संयम पथ अपनाने का निर्णय कर लिया था। बड़ी दीक्षा देने वाले पदमभूषण र| सूरीश्वर महाराज सांसारिक रिश्ते में चाचा हैं।

मूलत: बाड़मेर जिले के पादरु गांव का रहने वाला है रेखाश्री का सांसारिक परिवार, पिता का सूरत में कपड़े का कारोबार
बड़ी दीक्षा के बाद अभिवादन करतीं रेखाश्री।

तीन बहनें, तीनों ही साध्वी... परिजन मूलत: बाड़मेर जिले के पादरू गांव के रहने वाले हैं। रेखाश्री की दो बहनें, मामा, चाचा और एक भाई की जैन भगवती दीक्षा हो चुकी है। पिता हंसमुखलाल मरौली सूरत में कपड़े का व्यापार करते हैं। परिवार भी वहीं रहता है। पदमभूषण र| सूरीश्वर का जहाजपुर होकर चंवलेश्वर पधारने का कार्यक्रम तय होने की सूचना मिली थी। इसी दौरान बड़ी दीक्षा का मुहूर्त 7 जुलाई को निकला था। शाहपुरा श्री संघ के पदाधिकारियों ने झालों की मदार पहुंचकर बड़ी दीक्षा शाहपुरा में करने के लिए निवेदन किया था जिस पर आचार्य ने अनुमति दी।

खबरें और भी हैं...