कम मानदेय पर दो जगह कार्य करने को मजबूर सहायक
कार्यालय संवाददाता | शाहपुरा
प्रदेश के करीब 24 हजार ग्राम पंचायत सहायक कम मानदेय पर दो दो सरकारी महकमों में कार्य करने को मजबूर हो रहे है। जबकि इनकी नौकरी भी अभी अस्थायी है। राज्य सरकार ने प्रत्येक पंचायत मुख्यालय पर ग्राम पंचायत सहायकों की भर्ती पिछले साल करवा कर अधिकांश अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे दी गई है।
नियुक्ति के समय ग्राम पंचायत सहायकों का कार्यस्थल ग्राम पंचायत मुख्यालय पर रखा गया था, लेकिन कुछ दिन बाद ही स्कूल शिक्षा विभाग ने कार्यस्थल बदलकर संबंधित पदेन पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (पीईईओ) के अधीन कर दिया है। इसके बाद से ही पंचायत सहायक निरंतर संबंधित पीईईओं के अधीन कार्य कर रहे है, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग के उप सचिव ने मंगलवार को आदेश जारी कर 10 मई से 19 जून तक स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के कारण ग्राम पंचायत कार्यों में सहयोग लिए जाने एवं ग्रीष्म अवकाश समाप्त होते ही पुनः 20 जून को पीईईओं के कार्यालय में उपस्थित देने के निर्देश दिए है। सरकार द्वारा पंचायत सहायकों के बार कार्य स्थल बदलें जाने पंचायत सहायकों ने सरकार के निर्णय पर असंतोष प्रकट किया है। इस संबंध में ग्राम पंचायत सहायकों ने राज्य सरकार से कार्यस्थल एक ही स्थान पर किए जाने तथा मानदेय बढाने की मांग की है।
एक साल बढ़ाया कार्यकाल
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने एक वर्ष की अवधि के लिए पंचायत सहायकों पिछलें साल मई में नियुक्ति दी गई थी, लेकिन राज्य सरकार ने कार्य संतोषजनक होने की शर्त पर ग्राम पंचायत सहायकों का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने पंचायती राज विभाग की सहमति से आदेश जारी कर प्रारंभिक शिक्षा विभाग के निदेशक, समस्त जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश दिए है। एडवोकेट संदीप कलवानियां ने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायत सहायकों की भर्ती के लिए पंचायतीराज विभाग एवं स्कूल शिक्षा विभाग ने दिशा निर्देश जारी किए थे। ग्राम पंचायत सहायकों की चयन की जिम्मेदारी विद्यालय की एसडीएमसी की कमेटी को दी गई थी। भर्ती में चयन को लेकर कई मामलें अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है।