रूपपुरा गांव में रविवार को जय श्री कल्याण मानस मंडल रासेड़ के तत्वावधान में पर्यावरण शुद्धि के लिए हवन-यज्ञ का आयोजन पं तेजेंद्र दाधीच के सान्निध्य में किया गया इस मौके पर दाधीच ने पर्यावरण शुद्धि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे प्राचीन ऋषि-मुनियों ने वैज्ञानिक आधार पर शोध कर सामग्री व समिधाओं का चयन किया था।
जैसे-बड़, पीपल, आम, बिल्व, पलाश, शमी, गूलर, अशोक, पारिजात, आंवला व मौलश्री वृक्षों की समिधाओं का घी सहित यज्ञ-हवन में विधान किया था, जो आज विज्ञान सम्मत है, क्योंकि यज्ञ का उद्देश्य पंचभूतों की शुद्धि है, जो हमारे पर्यावरण का अंग हैं। यज्ञ का वैदिक उद्देश्य भी पर्यावरण शुद्धि एवं संतुलन है। मीठूलाल गुर्जर, प्यारेलाल गुर्जर, मुरलीधर वैष्णव, रामस्वरूप गुर्जर, शंभूलाल शर्मा सहित ग्रामवासियों ने यज्ञ मे भाग लिया।