भीषण गर्मी...ठाकुरजी के पास लगेंगे एसी-कूलर, कपड़े भी कॉटन के
गर्मी के तेवर देख अक्षय तृतीय से बुधवार को देशभर की 13 हजार पुष्टिमार्गीय हवेलियों में ठाकुरजी को गर्मी से बचाने के लिए विशेष तैयारी शुरू कर दी है। पहले ही दिन से भगवान के प्रसादी से लेकर वस्त्र और शृंगार सामग्री सभी में बदलाव किया गया। वस्त्रों में पहले दिन काॅटन के सफेद वस्त्र धारण कराए। साथ ही चंदन की माला पहनाकर प्रसादी में भी ठंडक प्रदान करने वाली प्रसादी का भोग लगाया गया। आगामी डेढ़ माह तक अब वैष्णवजन हर दिन भगवान को गर्मी से बचाने के लिए जतन करेंगे।
शहर के सोमवारिया स्थित पुष्टिमार्गीय श्री गोवर्धननाथ मंदिर (हवेली) में भी सुबह से आयोजन शुरू हो गए। सबसे पहले हवेली में चंदन के छापे लगाए गए। इसके बाद बाल गोपाल को वस्त्र से लेकर शृंगार सामग्री और माला आदि भी गर्मी में शीतलता पहुंचाने जैसी ही पहनाई गई। हवेली के मुखिया सुरेंद्र मेहता ने बताया सामान्य तौर पर माना जाता है कि अक्षय तृतीया के बाद से गर्मी बढ़ जाती है। इस दौरान हवेली में विराजित बाल स्वरूप को गर्मी से बचाने के लिए कई बदलाव किए जाते हैं। भगवान को भोग लगाने वाली प्रसादी में भी ठंडा शामिल किया जाता है। वस्त्र भी ठंडक प्रदान करने वाले धारण कराए जाते हैं। साथ ही भगवान को चंदन की माला पहनाकर पास में गंगाजल रखा जाता है। पहले दिन भगवान को सफेद रंग के काॅटन से विशेष तौर पर तैयार कराई कई वेश भूषा पहनाई गई। गर्मी के दौरान प्रतिमा के पास एसी, कूलर भी लगाए जाएंगे। लू से बचाने के लिए प्रतिमा के सामने फव्वारे लगवाएंगे। आगामी डेढ़ माह तक ठाकुरजी के लिए विशेष इंतजाम रहेंगे।
इसलिए मंदिर हवेलियों में खास इंतजाम
वैष्णव संप्रदाय के लोग भगवान श्री कृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा करते हैं। हवेलियों में भी भगवान के बाल स्वरूप की प्रतिमा विराजित है। इस कारण ज्यादा गर्मी के कारण बाल स्वरूप ठाकुरजी को लू आदि से बचाने के लिए इस तरह के इंतजाम किए जाते हैं।
काॅटन के श्वेत वस्त्रों से हुए बाल गोपाल का शृंगार।
पुष्टिमार्गीय मंदिर हवेली में ठाकुरजी के लिए डेढ़ माह तक शृंगार से लेकर भोजन तक सब खास रहेगा, वस्त्र भी कॉटन के