गाय को गोशाला में नहीं रखा, गोरक्षक समिति ने निकाली रैली
एक गाय और उसके नवजात बछड़े को नई सड़क स्थित गोपाल गोशाला में नहीं रखने की बात पर सोमवार को गोरक्षा टीम सदस्य आक्रोशित हो गए। गोशाला के सामने ही एकत्रित होकर आजाद चौक तक रैली निकाल दी। समिति अध्यक्ष से लेकर चौकीदार तक के खिलाफ नारे लगाए। कुछ जागरूक लोगों ने भी उनकी बात को जायज मान उनका समर्थन किया। सूचना मिलते ही कोतवाली टीआई आर.के. नैन पहुंचे। गोरक्षा टीम सदस्यों व समिति अध्यक्ष से चर्चा कर मामला शांत कराया। टीम सदस्यों ने विरोध के दौरान गोशाला के चौकीदार को हटाने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई। इसी मांग को लेकर युवा मंगलवार सुबह कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रतीक सक्सेना, धर्मेंद्र शर्मा, मनोज गवली, देवेंद्र माली, राजा चौहान, लोकेशन दरिया, अशोक खींंची, वार्ड 18 के पार्षद कैलाश गवली, आशुतोष शर्मा, मनोज जैन, अरविंद जैन आदि मौजूद थे।
समिति ने बताई समस्या- मामले में समिति अध्यक्ष माहेश्वरी से चर्चा करनी चाही, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। सचिव राजेंद्र नागर से हुई चर्चा में उन्होंने बताया गोशाला में गायों को रखने-न रखने का अधिकार चौकीदार को नहीं है, विरोध जताने वालों को पदाधिकारियों से तत्काल चर्चा करनी चाहिए थी। हम यथोचित सहयोग करते। कुछ लोग एक्सीडेंटल गायों को रखने दबाव तो बनाते हैं, लेकिन गोवंश को गोशाला में छोड़ने के बाद उनके चारे, इलाज, दवाई आदि की व्यवस्था नहीं करते। समिति काे शासन की ओर से अनुदान नहीं मिलता। मौजूदा फंड से संचालन किया जा रहा है। कुछ समय पहले ही गोशाला की 30-40 गायों के लिए भरपूर आहार की व्यवस्था की है।
नवजात बछड़े सहित गाय को कुत्तों द्वारा घायल करने के अंदेश को लेकर गए थे गोशाला, चौकीदार ने की अभद्रता
रैली निकालकर आजाद चौक पहुंचे गोरक्षक व जागरूक लोग।
यह था पूरा मामला, इसलिए गुस्साए
गोरक्षा टीम के धर्मेंद्र शर्मा ने बताया रविवार शाम लालघाटी पर गाय ने बछड़े को जन्म दिया था। गाय बछड़े के साथ अकेली होने से आवारा कुत्तों के काटने का डर था। दोनों को वाहन से टीम सदस्य जब गोपाल गोशाला छोड़ने गए तो वहां चौकीदार ने उन्हें गोशाला में रखने से मना कर दिया। अभद्र व्यवहार करने लगे। समिति अध्यक्ष बालकृष्ण माहेश्वरी से भी चर्चा में ऐसा ही जवाब मिला। गाय व बछड़े की देखभाल गोरक्षा टीम के दिलीप गुर्जर घर पर कर रहे हैं। रविवार को छुट्टी थी, वरना डॉक्टर से पर्चा भी लिखवाकर दे देते।