गर्मी खत्म होने से पहले अब पूरे चरम पर पहुंच रही है। पहले रविवार-सोमवार की रात सबसे ज्यादा तपी। निचला पारा ही 28.8 से 1.6 डिग्री बढ़कर अब तक के सबसे ज्यादा उच्च स्तर 30.4 डिग्री पर पहुंचा। रातभर गर्मी ने सताया, सोमवार सुबह से गर्मी तेज रही। अधिकतम तापमान सुबह 8 बजे ही 34 डिग्री होने से दोपहर 12 बजे से ही सड़कों पर डामर पिघलने लगा। बेरछा रोड क्षेत्र से गुजरती बाइकों एवं भारी वाहनों के पहियों की छाप सड़क पर उभर गई। तेज धूप और 8 किमी प्रति घंटे की गति से चलती उत्तर-पश्चिमी गर्म हवा ने मात्र तीन घंटे बाद दोपहर 3 बजे दिन पारे को 44.6 से और उछालकर इस साल अब तक के सबसे ज्यादा उच्च स्तर 44.7 डिग्री पहुंचा दिया। शाम 5 बजे भी तापमान 40 डिग्री के पार ही रहने से लोग खासे परेशान हुए। बादल छाने के कारण वातावरण में सुबह आर्द्रता भी 33 फीसदी रही। मौसम विशेषज्ञ सत्येंद्र धनोतिया के अनुसार शहरवासियों को आगामी दिनों में फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम ही हैं। 25 मई से नवतपा शुरू होने के कारण गर्मी और बढ़ने के आसार हैं। ज्ञात रहे, इससे पहले 17-18 मई की रात सबसे ज्यादा गर्म थी। न्यूनतम पारा 30.3 डिग्री रहा था।
दोपहर 12.30 बजे बेरछा रोड पर डामर पिघलने से बाइक व भारी वाहनाें के पहिए की आकृति उभर गई।
बहुत गर्म हो रहा है शहर, अब कम तपो सूरज
इसे गर्मी का असर ही कहें कि सूर्योदय होने पर आसमान में चढ़ते सूरज की किरणें फैलने से ही आकाश लाल होने लगता है। सोमवार अलसुबह पिता के साथ सैर पर गई एक बालिका लालघाटी से उतरते समय सड़क किनारे एक पालनुमा ओटले पर चढ़ गई। अपने दोनों हाथ सूरज की तरफ फैलाने के बाद चंद सेकंड में नीचे उतरकर अपने पिता के साथ घर लौट गई। यह नजारा ऐसा प्रतीत हुआ, मानो बेटी सूर्य देवता से कह रही हो कि शहर बहुत गर्म हो रहा है, सूरज अब कुछ कम तपो...। फोटो : संदीप गुप्ता