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आधे शहर में जलप्रदाय डेढ़ घंटे लेट भीषण गर्मी में परेशान हुए लोग

3 वर्ष पहले
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भीषण गर्मी में शहर के आधे हिस्से को सोमवार को तय समय से डेढ़ घंटे लेट पानी मिला। जिस समय जरा सी देरी भी लोगों की जलापूर्ति के लिए दिक्कत बन रही है, उसी समय में सप्लाई लेट होने के मुद्दे पर दो जिम्मेदार विभागों के अधिकारी अपने-अपने तर्क में उलझे नजर आए।

नपा के सब इंजीनियर एवं वाटर वर्क्स प्रभारी अरुण गौड़ से जानकारी ली तो वे बोले बिजली कंपनी द्वारा मेंटेनेंस करने के बाद भी पंप हाउस-वाटर वर्क्स एरिया की लाइट सुबह से बंद हो गई। जहां से पानी सप्लाई किया जाता है, उसी जगह की इमरजेंसी लाइट करीब घंटेभर तक बंद रहने से सप्लाई में देरी हुई। उनके इस जवाब से विविकं एई गौरव दुबे को अवगत कराकर जब उनसे कटौती का कारण पूछा तो उन्होंने कहा शहरी हाईवे के वाटर वर्क्स वाले एरिया में सुबह 5.30 से 5.36 बजे तक सिर्फ 6 मिनट के लिए ही बिजली बंद हुई थी तो जलप्रदाय में इतनी देरी की समस्या कहां से आ गई। शायद नपा प्रबंधन गलत जानकारी दे रहा है। हालांकि दुबे ने भी लाइट कटने का कारण नहीं बताया।

सुबह 8.30 बजे होने वाली जल सप्लाई 10 बजे हुई

नपा के रोटेशन के तहत सोमवार को खत्री मोहल्ला से सप्लाई शुरू होना थी। यहां तो सुबह 6 बजे तक सप्लाई निर्धारित समय पर हा़े गई। इसके बाद से ही सप्लाई लेट होना शुरू हुई। लालपुरा, सोमवारिया, कृष्ण व्यायामशाला क्षेत्र, धानमंडी, आजाद चौक का कुछ हिस्सा, मीरकलां व इससे आगे के इलाकों में सप्लाई समय से लेट हुई। सोमवारिया क्षेत्र में सुबह 8.30 बजे होने वाला जलप्रदाय करीब 10 बजे हुआ। इसी तरह आगे की टाइमिंग लेट हुई।

मोटरें नई, बिजली सिस्टम पुराना

वर्षों पुरान नपा के वाटर वर्क्स में कुछ समय पूर्व ही मोटरें तो नई लग गईं, लेकिन पूरे पंप हाउस का विद्युतीकरण सिस्टम पुराना है। बीच में इसे रिनोवेट कराने के लिए प्लानिंग बनाने के मूड में तो जिम्मेदार थे, लेकिन वह प्लानिंग पता नहीं कहां रह गई। सब इंजीनियर गौड़ की मानें तो जल्द ही इस प्रक्रिया के लिए प्लान तैयार करेंगे। विविकं प्रबंधन से संपर्क कर पंप हाउस व उसके एरिया की बिजली व्यवस्था दुरुस्त कराने चर्चा करेंगे।

शहर की प्यास बुझाने वाला चीलर बांध सिर्फ एक फीट पानी बचने से मैदान व तलहटी में बदलता जा रहा है।

चीलर बांध में सिर्फ एक फीट

पानी, दिखने लगे टीले-मैदान

शहर की प्यास बुझाने वाले प्रमुख पेयजल स्रोत चीलर बांध में अब जीवित क्षमता में सिर्फ एक फीट पानी शेष बचा है। बांध सूखने की कगार पर होने से पानी से भरा रहने वाला हिस्सा मैदान में तब्दील होने लगा है। कई जगह से मिट्टी व पत्थरों के ढेर से बने टीले उभरने लगे हैं। जल संसाधन विभाग के सब इंजीनियर आर.सी. गुर्जर के अनुसार यह एक फीट पानी ही पूरा मई महीना निकाल देगा। तलहटी में पर्याप्त पानी होने से दिक्कत नहीं आएगी।

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