लीड बीएसएन शासकीय कॉलेज में बीते शनिवार को छात्र नेताओं का परीक्षा पाली केंद्राध्यक्ष व प्रभारी प्राचार्य से हुए विवाद के मसले पर सोमवार दोपहर को प्राचार्य कक्ष में स्टाफ कौंसिल की बैठक हुई। पुलिस के पहरे में करीब 2 घंटे बैठक चली। विचार-विमर्श के बाद स्टाफ कौंसिल ने सबसे बड़ा निर्णय यह लिया कि संस्था के नियमित होकर परीक्षा के दौरान ही अनुशासनहीनता कर विवाद को बढ़ावा देने वाले दो छात्र नेताओं को कॉलेज से निष्कासित कर दिया जाए।
प्रभारी प्राचार्य डॉ. वी.के. शर्मा ने बताया संस्था में प्रवेश समिति पहले से गठित है। यह समिति स्टाफ कौंसिल के निर्णय पर अमल करके स्नातकोत्तर पहले सेमेस्टर के इन दोनों ही नियमित छात्रों को निष्कासित करने के लिए नियमानुसार प्रक्रिया जल्द ही कर देगी। फिर संस्था में इन दोनों को ही आगामी सेमेस्टर की पढ़ाई के लिए प्रवेश नहीं दिया जाएगा। सूत्रों ने बताया जिन छात्रों को कॉलेज से निष्कासित करने का निर्णय स्टाफ कौंसिल ने लिया है, वे अभाविप के पदाधिकारी हैं। करीब 10 साल पहले भी संस्था में इसी तरह के एक मामले में एक रेगुलर छात्र को रेस्टिकेट कर दिया गया था। इधर, सुरक्षा की दृष्टि से लालघाटी थाने के एसआई योगेंद्रसिंह आचार्य, आरक्षक गोवर्धनलाल व अब्दुल गफ्फार बैठक पूरी होने तक गतिविधियों पर नजर रखे रहे।
कॉलेज में चंदा वसूली पर लगाएंगे रोक, प्रस्ताव पारित
जानकारी अनुसार स्टाफ कौंसिल की बैठक में उपस्थित प्राध्यापक, सहा. प्राध्यापकों आदि ने शनिवार को हुए विवाद के मामले पर चर्चा करके अपने-अपने तर्क रखे। स्टाफ कौंसिल ने कॉलेज में किसी भी प्रकार के आयोजन के लिए चंदा वसूली पर रोक लगाने के प्रस्ताव को भी पारित कर दिया है। इसके लिए जल्द ही टीम बनाकर कार्रवाई शुरू की जाएगी। इधर, प्रभारी प्राचार्य डॉ. शर्मा ने बताया कि इसी मामले को लेकर कॉलेज के स्टाफ सदस्य मंगलवार को कलेक्टर श्रीकांत बनोठ से मुलाकात करेंगे।
बता दें अभाविप के कुछ छात्र नेता शनिवार दोपहर कॉलेज पहुंचे थे। प्रथम तल पर परीक्षा संचालित पोर्च में जाने लगे तो परीक्षा पाली केंद्राध्यक्ष डॉ. परीक्षा वागले ने जाने से रोका। कहासुनी पर प्रभारी प्राचार्य डॉ. वी.के. शर्मा बीच-बचाव में पहुंचे तो विवाद और बढ़ गया। अपशब्दों का प्रयोग होने के साथ कुर्सियां फेंकी गई। लालघाटी पुलिस ने पहुंचकर हालात संभाले।
प्रांत सह मंत्री ने रखा पक्ष
सोमवार देर शाम अभाविप के प्रांत मंत्री श्याम टेलर ने प्रेसनोट जारी कर मामले में अपना पक्ष भी रखा। टेलर के अनुसार यह निर्णय समझ से परे है। मुझे निष्कासन के संबंध में कोई सूचना नहीं मिली है। सूचना मिलने पर जवाब प्रस्तुत करूंगा। जो निर्णय लिया जा रहा है, उसके विरुद्ध अपील की जाएगी। काॅलेज के मेहनती छात्रों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
लीड बीएसएन कॉलेज में छात्र नेताओं व परीक्षा केंद्राध्यक्ष के बीच 19 मई को हुआ था विवाद
स्टाफ कौंसिल की बैठक में विचार व्यक्त करते प्राध्यापक-सहायक प्राध्यापक।