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आगे का प्लॉट बता दिया पीछे, 11 लाख की जगह जमा कराए सिर्फ 4 लाख रुपए

3 वर्ष पहले
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जमीन व प्लॉट की रजिस्ट्री के दौरान लगने वाले स्टाम्प ड्यूटी व अन्य शुल्क लगाने के मामले में बड़ा घोटाला सामने आया है। हाईवे से लगे प्लॉट को सर्विस प्रोवाइडर ने पीछे बताकर रजिस्ट्रार कार्यालय भेज दिया। उप पंजीयन ने भी बगैर मौका मुआयना किए हस्ताक्षर कर रजिस्ट्री कर दी। खास बात यह है कि रजिस्ट्री के दौरान भू-खंड का जो फोटाे लगाया है, उनमें एक में भी क्रेता और विक्रेता नहीं है। बावजूद अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। नतीजतन जिस रजिस्ट्री पर 11 लाख 72 हजार 566 रुपए शुल्क वसूलना था, उसके स्थान पर 4 लाख 9 हजार 56 रुपए में ही रजिस्ट्री करा दी।

मामले की शिकायत तेजसिंह राजपूत ने सीएम हेल्पलाइन पर भी कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उप पंजीयक पैसे लेकर मनमाने तरीके से प्लॉट व जमीन की कीमत कम कर देते हैं। इससे सरकार को बड़ा नुकसान हो रहा है। शहर के वार्ड 27 के लालघाटी के पास हाईवे से लगे 258.73 वर्ग मीटर प्लॉट की रजिस्ट्री भी सेवा प्रदाता और उप रजिस्ट्रार ने मिलकर गड़बड़ी की है।

उक्त प्लॉट हाईवे से लगा हुआ है। बावजूद उसे हाईवे से अंदर दर्ज करते हुए उनकी वैल्यू कम कर दी। इस कारण गाइड लाइन के मान से उक्त जमीन की स्टाम्प ड्यूटी भी कम कर दी गई है। राजपूत ने आरोप लगाया कि उक्त प्लॉट हाईवे से लगा होने के कारण गाइड लाइन के मान से वैल्यूएशन कराने के बाद 11 लाख 72 हजार 566 रुपए स्टाम्प ड्यूटी शुल्क लिया जाना था। उसके बदले जिम्मेदारों ने उक्त प्लॉट को हाईवे के अंदर दर्शा दिया। इससे वैल्यू कम हो गई और स्टाम्प शुल्क सिर्फ 4 लाख 9 हजार 56 रुपए में ही रजिस्ट्री हो गई। इससे सरकार को सीधे 7 लाख 63 हजार 510 रुपए का नुकसान हुआ है।

उप पंजीयक पर रिश्वत लेने का भी आरोप

राजपूत ने सीएम हेल्पलाइन पर एक और शिकायत उप पंजीयन संतोष केवट और रामकृष्ण सोनकेसरिया पर रुपए लेकर काम करने का आरोप लगाया है। राजपूत ने आरोप लगाया है कि 11 अप्रैल को मीतेश गुप्ता का पीएनबी से लिए गए ऋण के एवज में अपना मकान गिरवी किया गया था। जिसके लिए मुझे उप पंजीयक संतोष केवट को 500 रुपए रिश्वत देना पड़ी। दूसरे दिन गिरजाबाई पति नारायणसिंह का भी पीएनबी का भी ऋण के एवज में मकान गिरवी दस्तावेज किया गया। यह काम करने के एवज में मुझे 1 हजार रुपए रिश्वत देना पड़ी। बगैर पैसे के रजिस्ट्रार कार्यालय में काम ही नहीं होता है। एक प्रति सोमवार को जिला पंजीयक को देकर राजपूत कार्रवाई की मांग करेंगे।

ऐसे बगैर क्रेता-विक्रेता के सिर्फ प्लॉट का फोटो दे दिया गया है।

हम हर जगह का मौका-मुआयना नहीं कर सकते

रजिस्ट्री के दौरान हमारी व्यवहारिक परेशान यह हैं कि हम हर जगह मौका मुआयना नहीं कर सकते। ऐसे में सेवा प्रदाता यदि कुछ गलत जानकारी दे देते हैं तो बाद में जांच की जाएगी। हाईवे के पास यदि कोई ऐसा मामला है तो रिकवरी का प्रस्ताव बनाकर डीआर को भेज देंगे। रही बात रिश्वत लेने की तो यह बिल्कुल गलत है। उक्त व्यक्ति की प|ी के नाम से सेवा प्रदाता का लाइसेंस है। जो गलत काम कराने के लिए दबाव डालता है। गलत काम नहीं करने पर ऐसे आरोप लगाए हैं। - संतोष केवट, उप पंजीयक शाजापुर

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