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300 साल पुरानी मंदिर हवेली में महीनेभर में मनाएंगे सालभर के उत्सव-त्योहार
करीब 30 साल बाद इस बार गर्मी में ज्येष्ठ (अधिकमास) आ रहा है जो धर्म-कर्म के लिए खासा महत्वपूर्ण रहेगा। पुष्टिमार्गीय वैष्णव संप्रदाय की देशभर की 13 हजार प्राचीन मंदिर हवेलियों में इसे बुधवार से पुरुषोत्तम मास के रूप में मनाया जाएगा। इसी कड़ी में शहर के सोमवारिया स्थित करीब 300 साल पुरानी श्री गोवर्धननाथ मंदिर हवेली में भी 16 मई से 13 जून तक पुरुषोत्तम मास मनाते हुए वैष्णवजन विशेष धार्मिक आयोजन करेंगे। मंदिर हवेली के मुखिया पं. निकुंज मेहता बताते हैं यहां इस पूरे महीनेभर में ही सालभर में मनाए जाने वाले प्रमुख उत्सव-त्योहार मनाए जाएंगे। होली के रंग बिखरेंगे तो दिवाली की रौनक छाएगी। कान्हा जन्म की बधाइयां गूंजेगी और 56 पकवानों से हवेली महकेगी।
छप्पन भोग के साथ होगा महोत्सव का समापन
पं. मेहता के अनुसार पुरुषोत्तम मास की शुरुआत के पहले दिन बुधवार सुबह 11.30 बजे राजभोग दर्शन के साथ ही हवेली शिखर पर ध्वजा जी चढ़ाई जाएगी। वहीं रात 7.30 बजे फूलों का हिंडोरा उत्सव मनाया जाएगा। 16 मई से 13 जून तक होली, दीपावली, छाक व नाव का मनोरथ, फूल बंगला, पुष्पवितान, फूलों का हिंडोरा, फलों का हिंडोरा, आम का मनोरथ, कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव व त्योहार मनाए जाएंगे, जिनका समापन 56 भोग महोत्सव के साथ होगा। आयोजन प्रतिदिन सुबह 9 व रात 7.30 बजे से होगा। गोवर्धननाथ सेवा समिति के मनोहरलाल पुरोहित, वल्लभ माहेश्वरी, वीरेंद्र व्यास, नरेंद्र कसेरा, महेंद्र गुप्ता, वल्लभ गुप्ता आदि ने वैष्णवजनों से शामिल होने का अनुरोध किया है।
आज हवेली पर ध्वजा चढ़ाएंगे, रात 7.30 बजे मनाएंगे फूलों का हिंडोरा उत्सव
द्वारकाधीश मंदिर में भी मनाए जाएंगे उत्सव
नई सड़क पर औदिच्य ब्राह्मण समाज की धर्मशाला में स्थित श्री द्वारकाधीश मंदिर में भी बुधवार से पुरुषोत्तम मास के साथ उत्सवों की शुरुआत हो जाएगी। पुजारी पं. अशोक व्यास ने बताया वर्षभर में होने वाले सभी उत्सव इस एक ही माह में यहां मनाए जाएंगे। 56 भोग, तुलसी विवाह, श्याम सगाई, मोहिनी स्वरूप व नृसिंह अवतार शृंगार एवं रथयात्रा इन उत्सवों की कड़ी में मुख्य रूप से शामिल रहेंगे।