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आधे घंटे बारिश, मंडियों में 8 करोड़ के चने पर खतरा, 6 केंद्रों पर खुले में पड़ी उपज
दिन में भीषण गर्मी के बाद मंगलवार रात 7.30 बजे जिले में बारिश शुरू हो गई। करीब आधे घंटे हुई बारिश से सड़कों पर पानी बह निकला। मंडियों में रखा समर्थन मूल्य पर खरीदा 18 हजार क्विंटल चने पर बारिश से भीगने का खतरा हो गया। खुले में पड़े चने की बोरियां ऊपर से पूरी तरह से भीग गई। इसकी कीमत करीब 7 करोड़ 92 लाख रुपए है।
ज्ञात रहे जिले में चना, सरसों और मसूर की खरीदी 6 केंद्र शाजापुर, मोहन बड़ोदिया, शुजालपुर, कालापीपल, अकोदिया और मक्सी में एक माह पहले से चल रही है। जिले के सभी केंद्रों पर मिलाकर समर्थन मूल्य 4400 रुपए प्रति क्विंटल के दाम पर सरकार ने खरीदे है। करीब 50 हजार क्विंटल चने की खरीदी हो चुकी है। इसमें से 18 हजार क्विंटल चने खुले में पड़े हैं। मंगलवार रात हुई बारिश से खुले में पड़े चना, मसूर और सरसों फसल के खराब होने का खतरा बढ़ गया। यह देख अफसर भी पसोपेश में हैं। जिला मुख्यालय स्थित मंडी परिसर में ही 3 हजार क्विंटल से ज्यादा चना खुले में पड़ा है। ये बाेरियां बारिश से भीग गई हैं। सभी 6 केंद्रों पर मिलाकर औसतन 18 हजार क्विंटल चना खुले में पड़ा है।
शाजापुर मार्केटिंग सोसायटी के प्रबंधक डी.एस. राठौर ने बताया अचानक मौसम बिगड़ने से ऐसे हालात बने हैं। परिवहनकर्ता एजेंसी ने भी देरी से काम शुरू किया। बस इतना माल खुले में है। इसी दौरान मंडी परिसर में व्यापारी प्रकाश जैन के करीब 100 क्विंटल सोयाबीन का शेड के बाहर ढेर लगा रखा था। सोयाबीन का यह ढेर बारिश में भीग गया।
मंडी में खुले में पड़ी चने की बाेरियां भीग गई। इनसेट परिसर में व्यापारी का रखी सोयाबीन भी गीली हो गई।