पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • 18 दिन बाद भी पता नहीं कर सके जुलूस दबंगों ने रोका था या नहीं

18 दिन बाद भी पता नहीं कर सके जुलूस दबंगों ने रोका था या नहीं

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
गांव में दलित दूल्हे की बारात का जुलूस दबंगों ने रोका या नहीं, इतने छोटे मामले में ही शाजापुर की पुलिस 18 दिन तक पता नहीं कर सकी। स्थानीय अफसरों ने पीड़ित दूल्हा-दुल्हन दोनों पक्ष के लोगों से बयान लेकर वीडियो रिकार्डिंग भी जुटा ली। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया। एसडीओपी शुजालपुर अमित मिश्रा ने बयान के नाम पर ही पीड़ितों को 5-7 बार चक्कर लगवा दिए। बावजूद दबंगों पर कार्रवाई नहीं की। मामले को लेकर दुल्हन के पिता कमल मालवीय ने एसपी, आईजी के बाद सीधे डीजीपी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई। मामला भोपाल पहुंचने के बाद डीजीपी ने जांच के निर्देश दिए। इसके बाद मंगलवार को एएसपी ज्योति ठाकुर ने पीड़ितों को जिला मुख्यालय बुलवाकर बयान लिए हैं।

घटना 27 अप्रैल की रात 9.30 बजे की है। गांव के कमल मालवीय की बेटी रीना का विवाह था। सीहोर के किशोरसिंह के बेटे राजेंद्र की बारात रात 9 बजे गांव पहुंची। यहां उन्होंने जुलूस शुरू किया था कि दबंगों ने रास्ता रोककर कहा दलितों का जुलूस नहीं निकालेगा। मौके पर पहुंची डायल 100 की टीम जुलूस का रास्ता रोक रहे 4-5 लोगो को गाड़ी में बैठाकर अकोदिया थाने ले आई। इधर, पुलिस की गाड़ी के जाते ही 30-40 दबंगों की भीड़ जमा हो गई और जुलूस निकलने के लिए तैयार बारातियों के साथ धक्का-मुक्की कर बारात को लौटा दी। जैसे-तैसे पीछे के रास्ते से बगैर डीजे और घोड़ी के बाराती दुल्हन रीना के घर पहुंचे और विवाह की रस्में पूरी की। दुल्हन के पिता कमल मालवीय अगले ही दिन 28 अप्रैल को अकोदिया थाने पहुंचे और 8 नामजद सहित 30-40 अज्ञात दबंगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। लेकिन पुलिस ने आज तक कार्रवाई नहीं की।

एसपी कार्यालय के सामने खड़े दूल्हा और दुल्हन पक्ष के लोगों ने एएसपी ने लिए बयान।

नियम बताने वाले जवाब देने की स्थिति में ही नहीं

जुलूस रोकने वाले दबंगों पर कार्रवाई की मांग लिए एसडीओपी शुजालपुर अमित मिश्रा के पास पहुंचे तो उल्टा उन्होंने उन्हें जुलूस निकालने के लिए अनुमति लेने का नियम बताते हुए कार्रवाई से इनकार कर दिया। बाद में जांच कराने की बात कही। लेकिन इसके बाद कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी। स्थिति यह है कि अब तो वे इस मामले में कुछ बोलने की स्थिति में भी नहीं है। पीड़ितों की मानें तो एसडीओपी मिश्रा ने उन्हें स्पष्ट रूप से कह दिया था कि क्या तुमने बारात का जुलूस निकालने की अनुमति ली थी? यदि अनुमति ही नहीं ली तो रिपोर्ट कैसे दर्ज हो सकती है?

एएसपी ने दिलाया भरोसा

बयान लेने के बाद एएसपी ज्योति ठाकुर ने पीड़ितों को उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा है कि यदि किसी ने गलती की है तो कार्रवाई जरूर होगी।

ट्रैक्टर ने बाइक सवारों को रौंदा एक की मौत, एक गंभीर घायल

सुसनेर |
सोमवार रात सुसनेर से सोयत की ओर जा रहे ट्रैक्टर ने सोयत की ओर से सुसनेर आ रही बाइक को टक्कर मारकर बाइक सवारों को बुरी तरह रौंद दिया। जानकारी अनुसार इस दुर्घटना में बाइक सवार प्रभुलाल पिता भेरूलाल (40) निवासी उमरिया की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि शंकरलाल पिता भंवरलाल निवासी धतुरिया गंभीर घायल हो गया। सुसनेर टीआई ओ.पी. मोहटा ने बताया ट्रैक्टर सुसनेर से भवन निर्माण सामग्री लेकर किसी गांव में जा रहा था। जिसके चालक ने लापरवाही से वाहन चलाकर बाइक को टक्कर मारी। चालक को पकड़ने पुलिस टीम बनाई गई है। इधर, कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस दुर्घटना के समय तेज आंधी चल रही थी।

नौ साल से फरार वारंटियों को पकड़ा

सुसनेर |
पुलिस ने गत दिवस नौ साल से फरार आरोपियों को पकड़ने में सफलता पाई है। सुसनेर टीआई ओ.पी. मोहटा ने बताया एसपी मनोजकुमार सिंह के निर्देश पर सोयत व सुसनेर पुलिस की संयुक्त टीम बनाई थी। टीम ने हरियाणा के नूह जिले व राजस्थान के बूंदी जिले में दबिश दी। विजेंद्रसिंह पिता कालू गडरिया जो 2009 से, राजस्थान के बूंदी जिले से रायसिंह पिता धन्ना जो 2010 से तथा हरियाणा के जिला रेवाड़ी से रामशरण पिता बदलूराम गुर्जर जो वर्ष 2007 से फरार थे, इन्हें पकड़ा और गत दिवस सुसनेर न्यायालय में पेश किया। न्यायाधीश ने इन्हें जेल भेज दिया है। कार्रवाई करने वाली टीम में सउनि नानूराम बघेल, आरक्षक देवेंद्र गुर्जर, सोयत थाने के हीरालाल विश्वकर्मा सनि, प्रआ रायकेशर भगत शामिल रहे। फरार आरोपियों को पकड़कर लाने वाले पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को पारितोषिक देने की घोषणा एएसपी प्रदीप पटेल ने की है।

पुलिस गिरफ्त में फरार आरोपी।

खबरें और भी हैं...