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बारिश के कारण कितनी उपज खराब हुई, नहीं बता सके अफसर, दूसरे दिन कराया परिवहन

3 वर्ष पहले
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प्री-मानसून की दस्तक के बाद भी किसानों से सरकारी दाम पर उपज खरीदी करने वाले जिम्मेदारों ने सबक नहीं लिया। मंगलवार को हुई बारिश से करोड़ों रुपए के चने की फसल भीग गई, लेकिन मार्केटिंग सोसायटी के अधिकारी यह नहीं बता पाए कि कितनी उपज खराब हुई। दूसरे दिन भी मंडी परिसर में अनाज के हजारों बोरे खुले में ही पड़े रहे। कई बोरियां के गिरने से चना परिसर के पोर्च पर फैला रहा। भास्कर ने जब खरीदी केंद्र कृषि मंडी में अव्यवस्था को कैमरे में कैद किया तो हम्माल व अन्य मजदूरों ने इन्हें एकत्रित करना शुरू कर दिया।

यहां अफसरों की लापरवाही दिखाई दी। उपज लेकर आए किसान बादलों के कारण चिंतित दिखाई दिए। किसान रामकरण ने बताया बुधवार को 15 क्विंटल चने की उपज लेकर आया था। बारिश की संभावनाओं को देखते रामकरण जैसे दर्जनों किसान अपनी उपज बचाने बरसाती खरीद लाए। इधर कुछ ने खरीदी में ढीलपोल के भी आरोप लगाए। ग्राम खेड़ा के किसान हरिनारायण ने बताया सुबह से लेकर दोपहर तक बारी का इंतजार करता रहा, लेकिन नंबर नहीं आया। बादलों को देख चिंता बढ़ गई। मार्केटिंग सोसायटी के मैनेजर देवीसिंह राठौर ने बताया बोरियों को बरसातियों से ढकवा दिया था, इससे ज्यादा नुकसान नहीं हुआ।

5000 क्विंटल भेजा, तीन हजार की फिर आवक

मार्केटिंग सोसायटी के मुताबिक 5 हजार क्विंटल उपज का परिवहन कर दिया गया, लेकिन इसी दिन 3 हजार क्विंटल से ज्यादा आवक होने से स्थिति ऐसी ही बनी हुई है।

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