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15 साल पुरानी मशीन का प्रोसेसर पार्ट खराब, नहीं हो पा रहे एक्स-रे, सुधरने में दो दिन और लगेंगे

3 वर्ष पहले
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सरकारी जिला अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली नि:शुल्क एक्स-रे सेवा में एक बार फिर ब्रेक लग गया है। इस बार विभागीय कक्ष में लगी इस मशीन के सबसे जरूरी प्रोसेसर पार्ट में खराबी आ गई। कम्प्यूटर सिस्टम तो चालू हुए, लेकिन रेडियोग्राफर बार-बार प्रयास के बाद भी प्रोसेसर को चालू नहीं कर पाए। मंगलवार सुबह 10.45 बजे आखिरी एक्स-रे होने के बाद से ही यहां काम अटक गया। दूसरे दिन बुधवार को भी प्रोसेसर के चालू करते ही अपने आप बंद होने से इस दिन एक भी मरीज का एक्स-रे नहीं हो सका। हाथ-पैर में चोट लगने से पीड़ित मरीज पर्चा लेकर कक्ष में पहुंचे तो सही, लेकिन मशीन खराब होने से एक्स-रे नहीं होने का जवाब मिलने पर मायूस होकर लौट गए। जिन्हें इमरजेंसी थी, उन्हें शहर के निजी सेंटर पर जाकर 150 रुपए में एक्स-रे कराना पड़ा। अस्पताल प्रबंधन का यही कहना है कि इंजीनियर को सूचना दे दी है। प्रोसेसर सुधरने में एक-दो दिन का समय और लगेगा।

कक्ष में घुसने से पहले ही मिला जवाब, मशीन खराब है

भेरूपुरा निवासी होकमसिंह को गिरने के कारण कोहनी में चोट लगने पर डॉक्टर ने एक्स-रे लिखा। कक्ष में घुसते इससे पहले ही बाहर बैठे कर्मचारी ने बताया मशीन खराब हो गई है, एक्स-रे नहीं हो पाएगा। बुखार से पीड़ित नाती संध्या का इलाज कराने आए बामनियाखेड़ी के लालजीराम भी इसी तरह परेशान होकर लौटे। मंगलाज निवासी अवधेश ने बताया हाथ में फ्रेक्चर होने पर डॉक्टर ने एक्स-रे लिखा था। कक्ष में गया ताे पता चला मशीन खराब है। निजी सेंटर पर 150 रुपए देकर एक्स-रे कराना पड़ा। हाथ-पैर में चोट लगने से पीड़ित गौतम, बेबी तबस्सुम को भी इसी तरह परेशान होकर लौटना पड़ा। उनका इलाज एक्स-रे नहीं हो पाने से बाधित हो गया।

रेडियोग्राफर बोले- मशीनें पुरानी, एसी बंद, हम भी क्या करें- रेडियोग्राफर सत्येंद्र धनोतिया ने बताया अस्पताल में एक्स-रे के लिए जिस मशीन का उपयोग कर रहे हैं, वह 15 साल पुरानी, वर्ष 2003 की है। यह जब खराब होती है तो इसे ही सुधार दिया जाता है, जबकि जरूरत नई मशीनों की है। कक्ष का एयर कंडीशन सिस्टम पिछले तीन साल से बंद है। यूपीएस भी पुराना होने से लाइट जाने पर ज्यादा देर बैकअप नहीं दे पाता। गए साल के बजट में मिली एक हजार फिल्मों का इमरजेंसी में उपयोग करना पड़ रहा है।

भास्कर संवाददाता | शाजापुर

सरकारी जिला अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली नि:शुल्क एक्स-रे सेवा में एक बार फिर ब्रेक लग गया है। इस बार विभागीय कक्ष में लगी इस मशीन के सबसे जरूरी प्रोसेसर पार्ट में खराबी आ गई। कम्प्यूटर सिस्टम तो चालू हुए, लेकिन रेडियोग्राफर बार-बार प्रयास के बाद भी प्रोसेसर को चालू नहीं कर पाए। मंगलवार सुबह 10.45 बजे आखिरी एक्स-रे होने के बाद से ही यहां काम अटक गया। दूसरे दिन बुधवार को भी प्रोसेसर के चालू करते ही अपने आप बंद होने से इस दिन एक भी मरीज का एक्स-रे नहीं हो सका। हाथ-पैर में चोट लगने से पीड़ित मरीज पर्चा लेकर कक्ष में पहुंचे तो सही, लेकिन मशीन खराब होने से एक्स-रे नहीं होने का जवाब मिलने पर मायूस होकर लौट गए। जिन्हें इमरजेंसी थी, उन्हें शहर के निजी सेंटर पर जाकर 150 रुपए में एक्स-रे कराना पड़ा। अस्पताल प्रबंधन का यही कहना है कि इंजीनियर को सूचना दे दी है। प्रोसेसर सुधरने में एक-दो दिन का समय और लगेगा।

कक्ष में घुसने से पहले ही मिला जवाब, मशीन खराब है

भेरूपुरा निवासी होकमसिंह को गिरने के कारण कोहनी में चोट लगने पर डॉक्टर ने एक्स-रे लिखा। कक्ष में घुसते इससे पहले ही बाहर बैठे कर्मचारी ने बताया मशीन खराब हो गई है, एक्स-रे नहीं हो पाएगा। बुखार से पीड़ित नाती संध्या का इलाज कराने आए बामनियाखेड़ी के लालजीराम भी इसी तरह परेशान होकर लौटे। मंगलाज निवासी अवधेश ने बताया हाथ में फ्रेक्चर होने पर डॉक्टर ने एक्स-रे लिखा था। कक्ष में गया ताे पता चला मशीन खराब है। निजी सेंटर पर 150 रुपए देकर एक्स-रे कराना पड़ा। हाथ-पैर में चोट लगने से पीड़ित गौतम, बेबी तबस्सुम को भी इसी तरह परेशान होकर लौटना पड़ा। उनका इलाज एक्स-रे नहीं हो पाने से बाधित हो गया।

रेडियोग्राफर बोले- मशीनें पुरानी, एसी बंद, हम भी क्या करें- रेडियोग्राफर सत्येंद्र धनोतिया ने बताया अस्पताल में एक्स-रे के लिए जिस मशीन का उपयोग कर रहे हैं, वह 15 साल पुरानी, वर्ष 2003 की है। यह जब खराब होती है तो इसे ही सुधार दिया जाता है, जबकि जरूरत नई मशीनों की है। कक्ष का एयर कंडीशन सिस्टम पिछले तीन साल से बंद है। यूपीएस भी पुराना होने से लाइट जाने पर ज्यादा देर बैकअप नहीं दे पाता। गए साल के बजट में मिली एक हजार फिल्मों का इमरजेंसी में उपयोग करना पड़ रहा है।

इस साल अब तक किए 6738 एक्स-रे

जिला अस्पताल में लगी इस मशीन पर तकनीकी काम का कितना दबाव है, यह हैरान करने वाला है। रेडियाेग्राफर धनोतिया के अनुसार 1 जनवरी-2018 से 15 मई को सुबह 10.45 बजे तक इस मशीन के जरिए 6738 एक्स-रे किए जा चुके हैं। यहां हर दिन 50-60 मरीज एक्स-रे कराने आते हैं। मशीन में तकनीकी खराबी की जानकारी सीएस को दे दी है।

इंजीनियर को मशीन सुधारने बुलाया

अस्पताल में लगी एक्स-रे मशीन का प्रोसेसर पार्ट खराब होने की जानकारी रेडियोग्राफर ने समय पर ही दे दी थी। तत्काल संबंधित कंपनी के इंजीनियर को फोन कर मशीन सुधारने बुलवाया है। संभवत: एक-दो दिन में ही इंजीनियर आकर मशीन सुधार देगा। एक्स-रे पुन: चालू होने की सूचना मरीजों तक प्रसारित करवा दी जाएगी, ताकि उन्हें और परेशानी न हो। डॉ. सुनील सोनी, प्रभारी सिविल सर्जन

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