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इंदौर-उज्जैन संभाग के 10 जिले में छिड़ेगी संवाद क्रांति

3 वर्ष पहले
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प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्ट और अयोग्य करार देते हुए इंदौर के एक आरटीआई कार्यकर्ता पंकज प्रजापति ने नई क्रांति छेड़ दी है। इंदौर-उज्जैन संभाग के 10 जिलों में पहुंचकर उन्होंने वहां के कॉलेज के विद्यार्थियों और प्रोफेसरों को प्रदेश सरकार की हकीकत बताना शुरू कर दी है। शाजापुर के शासकीय बीएसएन व गर्ल्स कॉलेज में पहुंचकर उन्होंने बच्चों को भ्रष्टाचार संबंधी दस्तावेजों पर तैयार पुस्तक “संवाद क्रांति” देकर अपने अधिकार के लिए आवाज उठाने की बात कही। प्रजापति द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों को देख मौजूद विद्यार्थी और प्रोफेसर भी हैरान रह गए। पंकज ने प्रदेश की भ्रष्ट और अयोग्य शिक्षा व्यवस्था के लिखित प्रमाण के साथ अब पूरे प्रदेश के युवाओं में क्रांति फैलाने का निर्णय लिया है।

ज्ञात रहे पंकज ने सारी जानकारी आरटीआई के तहत संबंधित विभागों से जानकारी निकालकर गड़बड़ियां उजागर की है। उन्होंने इसे प्रदेश सरकार द्वारा यहां के युवाओं के भविष्य पर हमला करार दिया। विद्यार्थियों से चर्चा में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा- वर्ष 2009 में हुई प्रोफेसरों की भर्ती पर सवाल उठाते हुए उन्होंने न्यायालय में याचिका लगाई और न्यायालय में गड़बड़ी साबित भी हो गई। बावजूद उच्च शिक्षा विभाग ने अयोग्य होने के बाद भी भर्ती किए गए इन प्रोफेसरों को स्थाई कर प्रमोशन कर दिया। पीएससी में आयोग सदस्य और अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए अयोग्य लोगों को बैठाने की बात कही। उन्होंने कहा यदि ऐसा ही चलता रहा तो युवाओं का भविष्य बर्बाद हो जाएगा। ऐसे में युवाओं को आगे आकर अपने अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ना पड़ेगी।

इंदौर के सामाजिक कार्यकर्ता प्रजापति अब प्रदेशभर में चलाएंगे भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था पर संवाद क्रांति

संवाद क्रांति पुस्तक वितरित कर चर्चा करते आरटीआई कार्यकर्ता प्रजापति।

प्रदेश के युवाओं में क्रांति पैदा करना ही लक्ष्य

उच्च शिक्षा में इतना भ्रष्टाचार फैला है कि वरिष्ठ पदों पर बैठे अफसरों से लेकर सरकार तक सब मिले हुए हैं। उन्हें युवाअों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है। अपनों को फायदा दिलाने के लिए वे पीएससी जैसी संस्था में बैठा रहे हैं। अयोग्य होने के बाद भी ऐसे पदों पर बैठे लोग भला योग्य युवाओं को कैसे पहचान सकेंगे। इंदौर-उज्जैन के 10 जिलों में संवाद के बाद सरकार के और भी कई भ्रष्टाचार सामने आए है। इसमें प्राइमरी शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक सब शामिल हैं। ऐसे में अब यह क्रांति प्रदेशभर में फैलाएंगे। पंकज प्रजापति, आरटीआई व सामाजिक कार्यकर्ता इंदौर

प्रमाणों के साथ पुस्तक में यह आरोप लगाए

मप्र लोक सेवा आयोग (पीएससी) भर्ती चयन में घोटाला।

प्रोफेसर नियुक्ति घोटाला।

क्राॅस कैडर प्रमोशन उच्च शिक्षा का एक और घोटाला।

दलित पिछड़ों के नाम से निकला पैसा गया शिक्षा माफिया की जेब में।

विश्वविद्यालय के ताज में भी भ्रष्टाचार।

प्राइवेट स्कूल बने माफिया आदि।

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