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अवैध कॉलोनियों के सर्वे में सामने आई स्थिति, अब जल्द अल्टीमेटम जारी करेगी नगर पालिका

3 वर्ष पहले
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शहर की अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए शुरू हुए सर्वे में कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। कुछ कॉलोनियों के सारे प्लॉट कॉलोनाइजरों ने बेच दिए, जबकि कुछ लोगों ने आधे प्लॉट बेचने के बाद शेष प्लॉट दूसरे के नाम कर दिए। ऐसे में मुख्य कॉलोनाइजरों की पहचान मुश्किल हो जाएगी। जानकारी जुटाकर नगर पालिका ने जिला प्रशासन के सामने पेश कर दी है। अब जल्द ही इन कॉलोनियों को लेकर अल्टीमेटम जारी कर दिया जाएगा। करीब एक माह तक दावे-आपत्तियों को समय देने के बाद सीधे वहां के रहवासियों से चर्चा कर कॉलोनियों के लिए विकास की कार्ययोजना तैयार करना शुरू करा दिया जाएगा।

शासन के आदेश के बाद नगर पालिका ने शहर कुल 45 कॉलोनियों में से 28 कॉलोनियों को प्रथम चरण में वैध बनाने के लिए चुनी। उक्त कॉलोनियों को करीब 15-20 दिन में सर्वे कराया। नगर व राजस्व विभाग की टीम द्वारा संयुक्त रूप से किए गए सर्वे में कॉलोनाइजरों की सारी हकीकत सामने आने लगी है। कुछ कॉलोनाइजरों ने तो सालों पहले ही कॉलोनी के सारे प्लॉट बेच दिए तो कुछ ने आधे प्लॉट बेचने के लिए कॉलोनी बसाने का जिम्मा किसी दूसरे व्यक्ति को दे दिया। इतना ही नहीं कुछ कॉलोनाइजरों द्वारा रिकाॅर्ड तक में छेड़छाड़ करने जैसी बाते सामने आई है। सर्वे में सामने आई स्थिति के बाद बुधवार को कलेक्टर श्रीकांत बनोठ ने उक्त कॉलोनियों को निकायों की सुपुर्दगी में लेने के निर्देश दे डाले। अब जल्द ही नगर पालिका उक्त कॉलोनियों को नपा की अधिकृत कॉलोनी बनाने के लिए पहल शुरू करेगी।

कॉलोनाइजरों ने बेच दिए सारे प्लॉट, किसी ने दूसरे के नाम कर दी कॉलोनी, अब पहचान मुश्किल

ये पुराना शहर है, इसे लेकर नपा ने कोई प्लान नहीं किया

शासन के आदेश के बाद नगर पालिका ने नई कॉलोनियों को वैध करने के लिए चिह्नित किया है, लेकिन इसमें पुराने शहर को पूरी तरह से अलग रखा गया है। यानी नपा ने जिन 45 कॉलोनियों को वैध बनाने की बात कही है। वे सभी नई बसाहट वाली कॉलोनियां है। उसमें पुराना शहर शामिल ही नहीं है यानी बस स्टैंड से बादशाही पुल और तालाब की पाल से लेकर महूपुरा रपट व धोबी चौराहे तक का पूरे क्षेत्र को वैध करने के लिए कोई पहल शुरू नहीं होगी।

एक माह बाद बनेगी विकास की प्लानिंग

नगर पालिका जल्द ही उक्त कॉलोनियों को अपनी अधिकृत कॉलोनी बनाने से पहले भू-स्वामी सहित रहवासियों से दावे/आपत्तियां मांगेगी। करीब एक माह तक दावे-आपत्ति लेने के बाद प्रशासनिक स्तर पर कॉलोनियों को विकसित करने की रूपरेखा शुरू होगी। रहवासियों से चर्चा के बाद तैयार प्लान के मुताबिक कॉलोनी में विकास कार्य होंगे।

फिलहाल एक ही कॉलोनी वैध - जिला मुख्यालय होने के बाद भी शाजापुर शहर पूरा अवैध कॉलोनियों के मकड़जाल में फंसा है। भू-माफियाओं ने सारे नियमों को ताक में रख मनमाने तरीके से आमजनों को महंगे दामों पर प्लॉट बेच दिए। सिर्फ हाउसिंग बोर्ड द्वारा बसाई गई कॉलोनी की वैध की श्रेणी में है। शेष 45 कॉलोनियों में से सभी अवैध है।

शुजालपुर की 45, कालापीपल की 6 कॉलोनी- शाजापुर के साथ ही नगर पालिका शुजालपुर 45 और नगर पंचायत कालापीपल 6 कॉलोनियों को वैध घोषित करने के लिए दो-चार दिन में दावे-आपत्ति देना शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए बुधवार को कलेक्टर बनोठ ने निर्देश जारी कर दिए हैं।

वैध करने के लिए सर्वे पूरा, अब होगी विकास की प्लानिंग

प्रथम चरण में जिन 28 कॉलोनियों को वैध करने के लिए चयनित किया है। उनका सर्वे हो चुका है। एक-दो दिन बाद ही दावे-आपत्तियां लेना शुरू करा दिया जाएगा। आपत्तियों का निराकरण कराने के बाद ही एक माह बाद कॉलोनियों के विकास की योजना बनना शुरू हो सकेगी। -भूपेंद्र दीक्षित, सीएमओ नगर पालिका शाजापुर

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