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3 चरणों में प्रवेश नहीं लिया, आखिरी राउंड में सीट से ज्यादा फार्म

3 वर्ष पहले
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ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के अंतिम दौर में लीड बीएसएन कॉलेज में 364 विद्यार्थियों के दाखिले पर संशय की स्थिति बन गई है। एमए हिंदी, एमए राजनीति शास्त्र प्रथम सेमेस्टर तथा बीए प्रथम वर्ष कक्षाएं इस दायरे में हैं।

30 मई से 30 जुलाई तक पूरे हुए तीन चरणों में तो इन छात्रों ने खुद की लापरवाही से इन कक्षाओं में प्रवेश लिया नहीं अब 2 अगस्त से कॉलेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) के रूप में आखिरी राउंड शुरू हुआ तो साल बिगड़ने के डर से ताबड़तोड़ कॉलेज में दाखिला लेने फार्म जमा कर दिए। तीनों कक्षाएं मिलाकर सीटें आधी भी खाली नहीं बची होने से कॉलेज प्रबंधन को ताबड़तोड़ सैकड़ों सीटें बढ़वाने उच्च शिक्षा विभाग की आईटी सेल को पत्र भेजना पड़ा। कॉलेज प्रबंधन को विभाग से अभी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है। यह भी तय है कि यदि सीटें नहीं बढ़ी तो ये सभी विद्यार्थी नियमित के रूप में दाखिला नहीं ले पाएंगे। परीक्षाएं भी इन्हें प्राइवेट के रूप में देना पड़ेगी।



ऑनलाइन एडमिशन के अंतिम दौर में दाखिले पर संशय की स्थिति, लीड ने विभाग को भेजी डिमांड, सीटें नहीं बढ़ी तो प्राइवेट परीक्षा देना पड़ेगी,

कक्षाओं में सीटों की क्या स्थिति थी, क्यों करना पड़ी डिमांड

लीड कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. एस.के. मेहता व ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के नोडल अधिकारी डॉ. अरुण बोड़ाने ने बताया संस्था की एम हिंदी व एमए राजनीति शास्त्र कक्षाओं के पहले सेमेस्टर में कुल 60-60 सीटें हैं। इन दोनों ही कक्षाओं में 30-30 सीटें और बढ़ाने की मांग की गई है। इसी तरह बीए प्रथम वर्ष की कक्षा में कुल 495 सीटें हैं। इस क्लास में 75 सीटें और बढ़ाने की डिमांड विभाग के आईटी सेल को बीते सोमवार ही पत्र भेजकर की है। इसके पीछे प्रमुख कारण यह है कि एमए हिंदी में अभी सिर्फ 25 सीटें खाली बची हैं, जबकि इस कक्षा में प्रवेश के लिए सीएलसी में कुल 50 युवाओं ने फार्म जमा कर दिए हैं। एमए राजनीति शास्त्र में कुल 16 सीटें बची हैं, जबकि फार्म 39 आ चुके हैं। बीए प्रथम वर्ष में खाली पड़ी 132 सीटों के विरुद्ध प्रवेश पाने के लिए 275 विद्यार्थी सीएलसी में फार्म जमा कर चुके हैं।

ऑफलाइन मोड से भी नहीं दे सकते प्रवेश

डॉ. बोड़ाने ने बताया डिमांड तो भेज दी है। सीटें बढ़ती हैं तो इनके लिए ऑनलाइन प्रक्रिया करवाने का समय दिया जाएगा। और यदि सीटें नहीं बढ़ी तो सैकड़ों विद्यार्थियों को प्राइवेट के रूप में परीक्षा देना पड़ेगी। इन्हें ऑफलाइन मोड से भी नहीं दे सकते। यदि ऐसा किया तो ऑनलाइन परीक्षा का फाॅर्म ही नहीं खुलेगा।

इधर, स्कूलों की तर्ज पर छात्राओं को कॉलेज में दिया प्रवेश

किला परिसर स्थित शासकीय गर्ल्स कॉलेज में मंगलवार को प्रवेशोत्सव मनाया गया। स्कूलों की तर्ज पर संस्था परिवार सदस्यों ने बी.ए. व बी.काॅम. प्रथम वर्ष में प्रवेशित छात्राओं का स्वागत करके प्रवेश दिया। द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की छात्राओं ने जूनियर्स को कुमकुम की बिंदी लगाकर गुलाब का फूल भेंट किया। इस दौरान प्रभारी प्राचार्य डाॅ. शेरू बेग, सह प्राध्यापक डाॅ. राजकुमारी गुप्ता सहित स्टाफ सदस्य मौजूद थे।

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