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गुजराती सेन समाज के सम्मेलन में नाबालिग की शादी रुकवाने पहुंची टीम

3 वर्ष पहले
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मां राजराजेश्वरी मेला प्रांगण में शुक्रवार को गुजराती सेन समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन हुआ। 36 जोड़ों के मंडप में बैठने के बाद रस्में तक शुरू हो चुकी थीं। इसी बीच जिला महिला सशक्तिकरण विभाग की अधिकारी नीलम चौहान को सूचना मिली कि सम्मेलन में खरदौनकलां की नाबालिग लड़की का विवाह भी हो रहा है। इस पर सम्मेलन स्थल पहुंची टीम ने समिति पदाधिकारियों के जरिए संबंधित जोड़े के पास जाकर लड़की के परिजन से भी पूछताछ की। परिजन व समिति प्रबंधन इस कार्रवाई को लेकर जब विरोध जताने के मूड में दिखे तो टीम को शंका हुई। स्थिति स्पष्ट करने खरदौनकलां के जिस सरकारी स्कूल में लड़की ने 10वीं पास की थी, उसी स्कूल से उसकी जन्म प्रमाण से जुड़ी हाईस्कूल अंकसूची की डुप्लीकेट कॉपी वाट्सएप पर मंगवा ली। जांच में लड़की की उम्र 17 साल निकलने पर टीम ने तत्काल विवाह रुकवा दिया। विरोध जताने की मंशा रखने वालों को बाल विवाह कराने पर एफआईआर करने की चेतावनी दी। समिति ने भी तुरंत इस जोड़े को मंडप से हटा दिया। दुल्हन बनी नाबालिग को परिजन घर ले गए। जबकि दूल्हे की बरात बिन ब्याहे लौट गई।

पतौली में नाबालिग लड़के की शादी रुकवाई : सशक्तिकरण अधिकारी चौहान ने बताया एक दिन पहले 12 अप्रैल को टीम ने ग्राम पतौली में कार्रवाई कर एक लड़के का बाल विवाह होने से रुकवाया। परिवार वाले बरात ले ही जाने वाले थे, तभी टीम सीधे घर जा पहुंची। लड़के के जन्म संबंधी दस्तावेज जांचने पर उसकी उम्र 18 साल ही निकली। विवाह के लिए लड़कों की उम्र 21 वर्ष होना अनिवार्य है। परिजन को समझाइश व बाल विवाह के कानूनी नियमों के बारे में बताया, तब वे माने और विवाह रोका।

नए साल के शुरुआती चार महीनों में अभी तक अलग-अलग टीमों ने कार्रवाई कर 9 लड़के-लड़कियों के बाल विवाह होने से मौके पर रुकवाए। शाजापुर, कांजा, बोलाई, पतौली सहित कुछ अन्य इलाकों में ये विवाह रोके गए।

आधार कार्ड दिखाकर घरवाले बोले- बालिग है, शंका हुई तो स्कूल से वाट्सएप पर मंगवाई अंकसूची में उम्र 17 साल, नाबालिग की शादी रुकवाई
आधार कार्ड में सन् 2000 और अंकसूची में जन्म वर्ष 2001 था दर्ज
लड़की के परिजन व समिति सदस्यों से पूछताछ करती टीम।

कार्रवाई की प्रमुख सूत्रधार रही सशक्तिकरण अधिकारी चौहान ने बताया जांच के लिए भेजी टीम ने जब समिति व परिजन से लड़की की उम्र संबंधी दस्तावेज चाहे तो उन्हें आधार कार्ड दिया। उसमें लड़की की उम्र 10 जुलाई 2000 के मुताबिक से 18 साल थी। जब सबसे जरूरी प्रमाण हाईस्कूल की अंकसूची मांगी तो किसी ने भी नहीं दी। परिजन बहाना करते रहे, घर रखी होगी, कौन लेने जाएगा। चौहान के अनुसार कार्यक्रमों के लिए खरदौनकलां आती-जाती रहने से स्कूल प्रबंधन से संपर्क में हूं। तत्काल वहां संपर्क कर लड़की की जन्म प्रमाण से जुड़ी अंकसूची व अन्य जरूरी दस्तावेज अपने वाट्स एप के जरिए मंगवाए। स्कूल से लड़की की जो अंकसूची भेजी, उसमें उसका जन्म वर्ष 2001 था। यानी वह अभी सिर्फ 17 साल की है। टीम को निर्देशित कर तुरंत विवाह रुकवा दिया। इधर, विवाह सम्मेलन समिति अध्यक्ष बद्रीलाल वर्मा के मुताबिक टीम को सहयोग करके नाबालिग लड़की का विवाह नहीं होने दिया। तत्काल इस जोड़े को हमने हटा दिया। शेष 35 जोड़ों ने विधि-विधान से सात फेरे लिए।

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