स्वच्छता के मामले में शहर की ग्रेडिंग एक लाख से कम आबादी वाले देशभर के 4 हजार नगरों के साथ की जाएगी। संभवत: एक सप्ताह में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। जिम्मेदारों की मानें तो उनकी तैयारी के हिसाब से शहर को सम्मानजनक स्थान मिलेगा। डोर-टू-डोर की बेहतर व्यवस्था के बाद ट्रेंचिंग ग्राउंड पर उस समय की गई गार्डनिंग और फटका मशीन के नंबर भी नगर पालिका बोनस अंक मान रही है।
ज्ञात रहे स्वच्छता सर्वेक्षण के रिजल्ट आना शुरू हो चुके हैं। चार दिन पहले 10 से ज्यादा आबादी वाले बड़े महानगरों का परिणाम भी घोषित हो गया। इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर भी बन गया। ऐसे में शहरवासियों को भी शाजापुर की ग्रेडिंग जानने की जिज्ञासा बढ़ने लगी है। इधर, जिम्मेदारों के अनुसार बड़े शहरों के साथ शहर की मार्किंग होने के हिसाब से तैयारी की गई थी, लेकिन अब बड़े शहरों की कैटेगरी अलग कर देने के बाद शहर को भी उम्मीद है। दस्तावेज मामले में अच्छे अंक मिलेंगे। साथ ही डोर-टू-डोर सफाई भी सर्वे में बेहतर साबित हुई थी।
एक लाख से कम आबादी वाले चार हजार शहरों में शामिल होगी शाजापुर की मार्किंग
स्वच्छता सर्वे के बाद से शहर में सफाई को लेकर बुरे हाल हैं।
फटका मशीन लगाई
कचरे से जैविक खाद
तीन दिन लगातार मेहनत कर लालबाई फूलबाई मंदिर के पास पड़े कचरे का समतलीकरण कराकर यहां गार्डनिंग, फटका मशीन और कचरे से जैविक खाद बनाने के नवाचार से भी अच्छी मार्किंग की उम्मीद है। संभवत: बड़े शहरों के सम्मान के दौरान छोटे नगरों का परिणाम घोषित होगा। मामले में सीएमओ भूपेंद्र दीक्षित ने बताया जिस तरह से हमारी तैयारी थी, उस मान से सर्वे में शहर को सम्मानजनक ग्रेड मिलने की उम्मीद है।