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लीड कॉलेज में हंगामा, छात्रनेता का आरोप- नकल की छूट दे रहे वीक्षक, प्राचार्य बोले- दादागिरी कर रहे छात्रनेता

3 वर्ष पहले
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सेमेस्टर परीक्षा के दौरान शनिवार दोपहर लीड कॉलेज में हंगामा हो गया। परीक्षा केंद्राध्यक्ष परीक्षा वागले और इसके बाद प्रभारी प्राचार्य डॉ. वी.के. शर्मा से छात्र नेताओं की हुज्जत होने लगी। एक-दूसरे के खिलाफ अमर्यादित भाषा को प्रयोग होने लगा और देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई। करीब 20 मिनट तक दोनों पक्षों के बीच बहस होती रही। सूचना मिलते ही लालघाटी पुलिस का बल कॉलेज पहुंच गया। मामले में प्रभारी प्राचार्य डॉ. शर्मा ने कलेक्टर काे पत्र लिखकर परीक्षा के दौरान पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

ज्ञात रहे लीड कॉलेज में 26 अप्रैल से सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू हुई हैं। कॉलेज के ऊपरी हिस्से में परीक्षा के दौरान दूसरे विद्यार्थियों के प्रवेश पर रोक है, लेकिन शनिवार को एबीवीपी के करीब 15-20 छात्र नेता ऊपर जाने लगे। इन्हें वहां मौजूद केंद्राध्यक्ष परीक्षा वागले ने रोकने का प्रयास किया। मामला गर्माया और वहां प्रभारी प्राचार्य शर्मा पहुंच गए। उन्होंने भी छात्र नेताओं को परीक्षा के दौरान प्रवेश पर रोक लगाने की बात कहते हुए वहां से हटाने का प्रयास किया। इसी बीच छात्र नेता भी बहस करने लगे। स्थिति यह रही कि अपशब्दों का प्रयोग भी होने लगा। करीब 15-20 मिनट तक ऐसी स्थिति रही। खास बात यह रही ही इस दौरान कॉलेज के किसी भी जिम्मेदार ने पुलिस को सूचना नहीं दी। किसी दूसरे माध्यम से पुलिस को सूचना मिली और मौके पर पहुंचे लालघाटी थाने के जवानों ने मामला शांत कराया।

पुलिस सुरक्षा की मांग की

हंगामे के बाद प्रभारी प्राचार्य डॉ. शर्मा ने लिखित रूप से घटनाक्रम की विस्तार जानकारी कलेक्टर को भेजी है। साथ ही परीक्षा संचालन के दौरान पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी की है।

कॉलेज में तैनात पुलिसकर्मी।

कार्यकर्ता ने आरटीआई में आवेदन लगा रखा है

एबीवीपी के प्रांत सहमंत्री श्याम टेलर ने आरोप लगाया है कि सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कुछ प्राध्यापक चुनिंदा विद्यार्थियों को नकल करने की छूट दे रहे हैं। शनिवार को भी ऐसा कराने की जानकारी मिली थी। इसी को लेकर हम वहां पहुंचे, लेकिन परीक्षा वाले क्षेत्र में जबरदस्ती प्रवेश करने का आरोप लगाते हुए मौजूद केंद्राध्यक्ष सहित प्रभारी प्राचार्य ने उलटे हमारे ऊपर ही आरोप लगा दिए हैं। प्राचार्य शर्मा द्वारा सामान खरीदी से लेकर अन्य मामलों में भ्रष्टाचार किया जा रहा है। उसी को उजागर करने के लिए सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत परिषद के एक कार्यकर्ता ने आवेदन लगाए हैं। इसी को लेकर प्राचार्य शर्मा ने उसे टारगेट बनाते हुए अपशब्दों का प्रयोग किया है, जो बिलकुल गलत है।

ऊपरी हिस्से में बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित

प्रभारी प्राचार्य डॉ. शर्मा के अनुसार परीक्षा के दौरान कॉलेज के ऊपरी हिस्से में बाहरी बच्चों का प्रवेश प्रतिबंधित है। बावजूद कुछ छात्र नेता दादागिरी कर परीक्षा संचालन के दौरान परीक्षा संचालित होने वाले कक्षों की तरफ जा रहे थे। केंद्राध्यक्ष ने रोका तो हंगामा कर अपशब्दों का प्रयोग करने लगे। मेरे लिए भी संबंधितों ने अपशब्दों का प्रयोग किया है। जानकारी मिली है कि वे आगामी दिनों में होने वाले उनके किसी अधिवेशन के लिए चंदा लेने आए थे और कुछ प्राध्यापकों पर दबाव बनाना चाह रहे थे। विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए आरोपों के मामले में शर्मा ने स्पष्ट इनकार किया है। उन्होंने कहा की नकल के लिए छूट देने जैसी कोई बात नहीं है।

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