समस्या निराकरण के लिए डेढ़ माह से परेशान हो रहे वृद्ध ने प्रभारी मंत्री के जनता दरबार में अधिकारियों पर मजाक उड़ाने का आरोप लगाया। पीड़ित का कहना था कि मैंने 10-15 बार आवेदन दिए, फिर मोहन बड़ोदिया तहसील बुलाया, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हुआ। जब प्रभारी मंत्री दीपक जोशी ने मजाक उड़ाने वाले अधिकारी का नाम पूछा तो उसने मंत्री के पीछे खड़े एसडीएम यूएस मरावी पर अंगुली के इशारे से बता दिया। इस पर एसडीएम भी सकते में आ गए और ऐसी किसी बात के नहीं होने का तर्क देते रहे।
जनता दरबार में शुक्रवार सुबह 10.30 बजे ग्राम बुरलाई निवासी चांदमल पिता हेमराज जैन समस्या लेकर पहुंच गए। जैन ने बताया बंटवारा मुआवजा सहित अन्य पांच समस्याओं को लेकर सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत की, लेकिन निराकरण नहीं हुआ। मुझसे बार-बार चक्कर लगवाए। तहसील मोहन बड़ोदिया बुलाकर मजाक उड़ाया गया। इस पर जब मंत्री ने एसडीएम मरावी और तहसीलदार सत्येंद्र बैरवे से चर्चा की तो वे सकते में आ गए। किसी के पास कोई जवाब नहीं था। तभी मंत्री ने पीड़ित से संबंधित अधिकारी का नाम पूछा तो उन्होंने एसडीएम मरावी की तरफ अंगुली से इशारा कर दिया। अफसरों के तर्क सुनने के बाद मंत्री ने जैन की समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए।
मंत्री के पीछे खड़े एसडीएम पर अंगुली उठाकर इशारा करते हुए। फोटो: अवनीश त्रिवेदी
भास्कर संवाददाता | शाजापुर
समस्या निराकरण के लिए डेढ़ माह से परेशान हो रहे वृद्ध ने प्रभारी मंत्री के जनता दरबार में अधिकारियों पर मजाक उड़ाने का आरोप लगाया। पीड़ित का कहना था कि मैंने 10-15 बार आवेदन दिए, फिर मोहन बड़ोदिया तहसील बुलाया, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हुआ। जब प्रभारी मंत्री दीपक जोशी ने मजाक उड़ाने वाले अधिकारी का नाम पूछा तो उसने मंत्री के पीछे खड़े एसडीएम यूएस मरावी पर अंगुली के इशारे से बता दिया। इस पर एसडीएम भी सकते में आ गए और ऐसी किसी बात के नहीं होने का तर्क देते रहे।
जनता दरबार में शुक्रवार सुबह 10.30 बजे ग्राम बुरलाई निवासी चांदमल पिता हेमराज जैन समस्या लेकर पहुंच गए। जैन ने बताया बंटवारा मुआवजा सहित अन्य पांच समस्याओं को लेकर सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत की, लेकिन निराकरण नहीं हुआ। मुझसे बार-बार चक्कर लगवाए। तहसील मोहन बड़ोदिया बुलाकर मजाक उड़ाया गया। इस पर जब मंत्री ने एसडीएम मरावी और तहसीलदार सत्येंद्र बैरवे से चर्चा की तो वे सकते में आ गए। किसी के पास कोई जवाब नहीं था। तभी मंत्री ने पीड़ित से संबंधित अधिकारी का नाम पूछा तो उन्होंने एसडीएम मरावी की तरफ अंगुली से इशारा कर दिया। अफसरों के तर्क सुनने के बाद मंत्री ने जैन की समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए।