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सुसाइड नोट- मैं उसे छोड़ नहीं सकता था, इसलिए उसे मारकर खुद मर गया

3 वर्ष पहले
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ग्राम पंचायत भुनेश्वरपुर के पटासी गांव में एक युवक ने चाकू से वारकर पहले प|ी की हत्या कर दी फिर खुद फांसी लगा ली। उसने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया था। दो दिन से दरवाजा नहीं खुलने पर पिता ने जब आवाज लगाई फिर छप्पर से अंदर झांक कर देखा तब रविवार को घटना के बार में पता चला।

अंदर बेटे संतोष पैकरा 30 वर्ष का शव फांसी से लटका हुआ था। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा तो अंदर बिस्तर पर युवक की प|ी संगीता 25 वर्ष का शव खून से लथपथ पड़ा था। उसके गले पर चाकू से कई वार किए गए थे। युवक ने जिस चाकू से वार किया था उसे हाथ में रखे हुए फांसी लगाई थी। रात होने से पुलिस कमरे की जांच नहीं कर पाई। सोमवार को पुलिस को सुसाइड नोट मिला जिसमें युवक ने प|ी के चरित्र को लेकर उल्लेख करते हुए मारने व मरने की बात लिखी थी। संतोष के पिता सीबन राम 62 वर्ष के अलावा संतोष की दादी साथ रहती हैं। शनिवार की शाम को सीबन घर पहुंचा तो कमरा अंदर से बंद था। उसने दोनों सो रहे होंगे सोचकर आवाज नहीं लगाई। रविवार की सुबह वह मवेशियों को लेकर चराने चला गया। शाम को वह जब लौटा तो दरवाजा अंदर से बंद ही था। इससे सीबन को संदेह हुआ। आवाज लगाने पर जब आवाज नहीं आई तो पीछे से छप्पर हटाकर देखा तो अंदर संतोष फांसी से लटका हुआ था।

पटासी गांव में चरित्र संदेह पर प|ी की हत्या के बाद युवक ने खुद लगा ली फांसी

कमरे से लाल स्याही से लिखा मिला सुसाइड नोट

पुलिस ने रविवार को कमरे की तलाशी ली तो वहां से एक पन्ने पर लाल स्याही से लिखा सुसाइड नोट मिला। सुसाइड नोट में लिखा है कि कसम खाने व समझाने के बाद भी वह गलत काम करना नहीं छोड़ रही है। मैं इसे छोड़ भी नहीं सकता, इसलिए उसे मारकर खुद मर गया। इसमें किसी का दोष नहीं है। हालांकि पुलिस सुसाइड नोट को इस मामले से जोड़कर नहीं देख रही है। पुलिस ने बताया कि संतोष ने ही अपनी प|ी को मारकर खुद आत्महत्या की है लेकिन इसकी वजह दूसरी है।

शादी के आठ साल बाद भी संतान नहीं होने से विवाद

संतोष व संगीता की आठ साल पहले शादी हुई थी पर उनकी अभी तक कोई संतान नहीं थी। संतान नहीं होने से दोनों में विवाद होता था। नशे में संतोष का अपने पिता से विवाद होता था। प|ी के साथ वह मारपीट भी करता था। पुलिस संभावना जता रही है कि कोई संतान नहीं होने से दोनों को एक दूसरे को दोषी ठहराते रहे होंेगे। इससे संतोष ने प|ी की हत्या कर खुद आत्महत्या कर ली।

संगीता ने आत्महत्या करने पिछले साल की थी कोशिश: संगीता ने पिछले साल जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। संतोष ने उसे शंकरगढ़ अस्पताल में भर्ती कराया। तत्काल इलाज मिलने से उसकी जान बच गई थी। उस समय भी पारिवारिक विवाद पर ही उसने आत्महत्या करने की कोशिश की थी।

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