बस स्टैंड पर न पानी है न छाया दुकानों में खड़े रहते हैं यात्री
गर्मी बढऩे के साथ ही कस्बे के बस स्टैंड पर यात्रियों को सुविधाओं का अभाव खटकने लगा है। बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए छाया और पानी का कोई प्रबंध नहीं है। लोगों को भरी दोपहरी में सड़क किनारे दुकान की ओट में खड़े रहकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। बस स्टैंड से प्रतिदिन श्योपुर, मुरैना व सवाई माधोपुर के लिए एक हजार यात्री अपने सफर की शुरुआत करते हैं।
दरअसल कस्बे में रामेश्वर तिराहे से बसों का संचालन किया जा रहा है। जबकि पहले बस स्टैंड तेजाजी मेला मैदान पर था। तेजाजी मेला मैदान पर ही ग्राम पंचायत ने यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण कराया था। लेकिन बसें वहां तक जाती नहीं हैं। इस कारण यात्री प्रतीक्षालय का कोई उपयोग नहीं हो पाया है। जिस जगह बसें ठहरती है वहां छाया का कोई इंतजाम नहीं है। लोगों को प्यास लगने पर चाय नाश्ता बेचने वाले दुकानदारों से पानी मांगना पड़ता है। इसमें कई दुकानदार पानी पिलाने के बजाए यात्रियों को झिड़क देते हैं। इसलिए यात्रियों को कई बार अपमान का घूंट पीना पड़ता है। लोगोंं का कहना है कि ग्राम पंचायत प्रशासन द्वारा बस स्टैंड पर यात्री सुविधा मुहैया कराने की दिशा में आवश्यक पहल नहीं किए जाने की वजह से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
धूप से बचने के लिए दुकान की छाया में खड़े होकर बस का इंतजार करते यात्री।