बच्चों को बताए बाल विवाह के दुष्परिणाम
बड़ौदा | बाल विवाह रोको जागरूकता अभियान के तहत मानव अधिकार आयोग मित्र हनुमान तिवारी ने ग्राम पांडोली में शनिवार को स्कूली बच्चों को बाल विवाह के दुष्परिणाम बताए। श्री तिवारी ने बताया कि 18 साल से कम उम्र की लड़की और 21 साल से कम उम्र में लड़के का विवाह करना बाल विवाह की श्रेणी में कानूनी अपराध है। कम उम्र में शादी करना बच्चों के साथ जुल्म है। बाल विवाह में शामिल लोगों को भी सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने स्कूली बच्चों को बताया कि अगर कहीं बाल विवाह हो तो इस बारे में टोल फ्री नंबर 1098 पर सूचना दें। ग्राम पांडाेली के बाद श्री तिवारी ने श्योपुर बड़ौदा रूट पर चलने वाली बसों में यात्रियों को पंफलेट बांटकर बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। श्री तिवारी ने ताया कि अखतीज एवं पीपल पूर्णिमा के मौके पर ग्रामीण क्षेत्र में बाल विवाह की आशंका को देखते हुए बाल विवाह रोको जनजागरूकता अभियान निरंतर चलाया जा रहा है।