स्पेलिंग की गलती से मिसमैच हो रहे बच्चों के नाम, अब आधार से होगा मिलान
प्राईवेट स्कूलों में आरटीई के तहत 25 फीसदी निर्धारित सीटों पर गरीब व एससी, एसटी वर्ग के बच्चों को प्रवेश के बाद फीस पूर्ति में समस्या आ रही है।
बच्चों के नाम की स्पेलिंग की गलती से मिसमैच हो रहे हैं। इस वजह से राज्य शिक्षा केन्द्र ने साल 2017-18 की फीस प्रतिपूर्ति के लिए आरटीई पोर्टल पर दर्ज बच्चों का आधार से मिलान कराने का फैंसला लिया है। यानी अब सामग्री आईडी अनिवार्य नहीं रहेगी। अभी तक बच्चों की सामग्री आईडी के साथ आधार नंबर दर्ज किए जा रहे थे। सामग्री आईडी में नाम की स्पेलिंग गलत होने से फीस प्रतिपूर्ति में समस्या आ रही थी। अब आधार से मिलान होने के बाद आरटीई के तहत शासन संबंधित स्कूलों को फीस जारी करेगा।
कलेक्टर को जारी पत्र में राज्य शिक्षा केन्द्र ने निर्देश दिए हैं कि आधार सत्यापन के बाद आरटीई और आधार में बच्चे के नाम का मिलान किया जाएगा। यदि दोनों में नाम समान है तो बच्चे की उपस्थित दर्ज करने तथा स्कूल द्वारा फीस प्रतिपूर्ति के लिए स्कूल द्वारा प्रपोजल तैयार किया जा सकेगा।