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श्योपुर लौटने लगे पलायन कर गए परिवार

3 वर्ष पहले
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मजदूरी की तलाश में पलायन पर गए कराहल के परिवार अब वापस लौटने लगे है, ऐसे में कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों की संख्या एनआरसी में कम हो गई थी। जबकि कराहल सहित विजयपुर और श्योपुर की एनआरसी लगभग खाली हो गई थी, पर अब पलायन से लौट रहे परिवारों के साथ बच्चों की सेहत को देखते हुए एनआरसी में भर्ती कराया जा रहा है।

मार्च माह में कराहल क्षेत्र से लगभग 5 हजार परिवार पलायन कर गए थे, जिनके कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चे भी इन्हीं के साथ चले गए थे। ऐसे में पलायन पर रहने के साथ ही इन बच्चों की सेहत पर विपरीत असर पड़ा। अब गेहूं कटाई के बाद पलायन पर गए परिवार अपने घरों पर वापस लौटने लगे है, जिसे लेकर विभाग ने ग्रोथ मॉनीटरों को निर्देश दिए है कि, वह गांव-गांव जाकर पलायन से लौटे परिवारों की जानकारी लें। साथ ही बच्चों की सेहत को देखते हुए उन्हें एनआरसी में भर्ती कराए। बीते तीन दिन पहले तक श्योपुर एनआरसी पूरी तरह से खाली थी, लेकिन तीन दिनों में ही एनआरसी में 7 अतिकुपोषित बच्चों को भर्ती कराया गया। जिन्हें एनआरसी में दूध सहित अन्य पोषण आहार दिया जा रहा है, जिससे उनकी सेहत में सुधार हो सके। इसी तरह कराहल और विजयपुर की एनआरसी में भी कुपोषित बच्चों को भर्ती कराने का काम ग्रोथ मॉनीटरों द्वारा किया जा रहा है। जिससे पलायन के दौरान गिरी हुई सेहत को वापस सही किया जा सके और बच्चे कुपोषण से मुक्त हो सके।

पलायन कर माता-पिता के साथ गए कुपोषित बच्चों की हालत बिगड़ी, एनआरसी में भर्ती करवा रहा विभाग

कुपोषित बच्चे को लेकर एनआरसी में बैठी महिला।

केन्द्र वार किया सर्वे, अब ले रहे जानकारी

कराहल क्षेत्र से सबसे ज्यादा पलायन हुआ, जिसमें 10 सेक्टरों में बांटे कराहल के 322 आंगनबाड़ी केन्द्रों से पलायन पर गए परिवारों की सूची तैयारी की है। इस सूची के तहत ग्रोथ मॉनीटर, सुपरवाइजर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं काम करेंगी। जिसमें परिवार के लौटते ही बच्चों का वजन किया जाएगा और कम वजन के बच्चों को डे-केयर सेंटर व एनआरसी में भर्ती कराया जाएगा, जिससे उनकी सेहत में सुधार हो सके। इसी तरह गर्भवती महिलाओं का भी महिला एवं बाल विकास विभाग चिह्नित करते हुए चेकअप कराएगा। जिससे हालत बिगड़े ना। इसे लेकर डीपीओ व सीडीपीओ ने अपने अधीनस्थों को कुपोषित व गर्भवती महिलाओं को लेकर निर्देश दिए है।

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