ट्रेन की बोगी में जगह नहीं मिली तो छत व इंजन पर चढ़े यात्री
नैरोगेज ट्रेन की छत और इंजन पर यात्रियों ने चढ़कर किया सफर
सहालग के कारण उमड़ी नैरोगेज ट्रेन में भीड़
भास्कर संवाददाता | गिरधरपुर
वैवाहिक सीजन के चलते श्योपुर-ग्वालियर नैरोगेज रेल लाइन पर बुधवार को सभी पेसेंजर ट्रेन सवारियों से ठसाठस भरकर चलीं। सुबह सबलगढ़ से श्योपुर अाैर श्योपुर से ग्वालियर जाने वाली पेसेंजर ट्रेन में इस कदर भीड़ थी कि सैकड़ों यात्रियों ने अपने गंतव्य पर पहुंचने के लिए कपलिंग व पायदान पर खड़े रहकर सफर किया। ट्रेन की छत और इंजन भी लोग चढ़ गए। रेलवे के गार्ड और ड्राइवर के प्रयासों के बावजूद यात्री इंजन से नीचे नहीं उतरे। अखतीज से शुरू हुआ वैवाहिक सहालग का सीजन पीपलपूर्णिमा तक चलेगा। इस बीच नैरोगेज रूट पर यात्रियों का दबाव रहेगा।
नैरोगेज रेल लाइन पर श्योपुर,सबलगढ़ अाैर ग्वालियर के बीच 4 अप -डाउन ट्रेन छह डिब्बे के साथ संचालित की जा रही है। प्रत्येक डिब्बे में यात्रियों के बैठने के लिए 39 सीट पर रहती है। लेकिन गुरुवार को ट्रेन की हरेक बोगी में क्षमता से तीन गुना तक यात्री सवार थे। सुबह सबलगढ़ से चलकर श्योपुर जा रही ट्रेन यात्रियों से ठसाठस भरकर आई। सुबह 10.40 बजे जैसे ही ट्रेन गिरधरपुर स्टेशन पर ठहरी, इसमें सवार हाेने के लिए लोगों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। ट्रेन में सवार हाेना महिला अाैर बच्चाें के लिए चुनाैती से कम न था। तमाम काेशिशाें के बावजूद बोगियों में पैर रखने के लिए भी जगह नहीं मिली तो सैकड़ों की तादाद में यात्री ट्रेन की छत और इंजन पर लद गए। जो लोग अपनी जान को जोखिम में डालने की हिम्मत नहीं जुटा पाए वे प्लेटफार्म पर ही खड़े रह गए।
खासकर छोटे बच्चों के साथ सफर पर निकली महिलाओं की फजीहत हो गई। कई यात्रियों ने भीड़भाड़ से बचने के लिए अपनी यात्रा स्थगित करते हुए दोपहर वाली ट्रेन का इंतजार करना मुनासिब समझा। जबकि जरूरी काम से जाने वाले यात्रियों ने अपनी जान हथेली पर रखकर ट्रेन की छत, कपलिंग, पायदान और इंजन पर बैठकर सफर किया। जबकि कई लोगों ने गिरधरपुर रेलवे स्टेशन पर बैठकर दोपहर वाली ट्रेन का सात घंटे तक इंतजार किया। दोपहर ढाई बजे श्योपुर से रवाना होकर सबलगढ़ जाने वाली ट्रेन में भी यात्रियों की भारी भीड़ रही। अन्य कोई साधन उपलब्ध न होने की वजह से लोगों को मजबूरन ठसाठस भरी ट्रेन में बैठना पड़ा।