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एक साल पहले बनाई 36 सड़कों पर बिछाया पतला डामर, अभी से उखड़ने लगीं

3 वर्ष पहले
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महाराजपुरा से कॉलोनी गांव तक बनाई गई सड़क उखड़ी।

गुणवत्ताहीन सड़क को लेकर ग्रामीण नाराज

भास्कर संवाददाता | श्योपुर

ग्रामीण क्षेत्र की जनता को मुख्य सड़क मार्गों से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जिले में एक साल पहले ही नई सड़कें बनाई गईं हैं। पिछले साल जिले में बनी 36 में से ज्यादातर सड़कें एक साल के भीतर ही उखड़ने लगी हैं। इससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में बिछाई गईं नई सड़कों पर डामर की इतनी पतली परत बिछाई गई है कि उसमें दरारें तक पड़ गईं हैं। घटिया निर्माण को लेकर ग्रामीण भी नाराज हैं। बरसात के दिनों में सड़क का डामर बहने से गड्‌ढे और कीचड़ के बीच ग्रामीणों का निकलना मुश्किल भरा रहेगा। इसे लेकर ग्रामीणों ने शिकायत भी की है, लेकिन अब तक इस मामले में कार्रवाई का इंतजार है।

81.95 करोड़ किए खर्च

साल 2017 में 3 नवंबर की समीक्षा में 36 सड़कों की प्रगति बताई थी। इन सड़कों की कुल लागत 81 करोड़ 95 लाख रुपए है। पिछले साल की अधिकतर सड़क बन चुकी हैं। सड़क बनने के बाद उखड़ना शुरू हो गईं हैं। सड़कें खराब बनने के पीछे विभागी मॉनीटरिंग का अभाव नजर आ रहा है। खराब सड़क बनाने वाले ठेकेदारों पर भी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

जिम्मेदार बोले- जाहां सड़कें उखड़ी, वहां ठेकेदार से करा रहे पैचवर्क

निर्माण सही नहीं होने से सड़क पर दरारें पड़ीं

बड़ौदा चंबल कैनदान से सारसल्ली तक 3.60 किमी सड़क का निर्माण पिछले साल ही कराया गया है। इस सड़क पर 1 करोड़ 21 लाख 63 हजार रुपए खर्च हुए हैं। वर्तमान में सड़क की डामर परत में दरारें पड़ रहीं हैं। बरसात में यह सड़क उखड़ने का खतरा बढ़ गया है। कई जगह से डामर उखड़ रहा है। ग्रामीण पहले शिकायत भी कर चुके हैं। विधायक को भी समस्या बताई है। सड़क पांच साल गारंटी में है और पहली साल में ही उखड़ गई है।

महाराजपुरा से कॉलोनी रोड़ उखड़ रही

महाराजपुरा रोड से काॅलोनी गांव तक 1.60 किमी सड़क का निर्माण पिछले साल ही कराया गया है। इस सड़क निर्माण पर 67 लाख रुपए खर्च हुए हैं। सड़क बनने के एक साल में ही उखड़ना शुरू हो गई है। हालांकि ग्रामीणों की शिकायत पर ठेकेदार ने पैचवर्क करा दिया है। पहले ही साल पैचवर्क कराने से सड़क काफी पुरानी नजर आने लगी है। यह पैचवर्क भी बरसात में नहीं टिक पाएगा। ज्यादा दिन रोड नहीं टिक पाने की वजह से ग्रामीण परेशान रहेंगे।

ये सड़कें भी ज्यादा दिन नहीं टिकीं

जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत तीन साल पुरानी सड़कें भी उखड़ गईं हैं। गारंटी पीरियड पूरा होने से पहले ही सड़कों की हालत खराब है। पीपल्दा से श्रीपुरा, हसवारी से भिलवाड़िया तक सड़क बनाई गई थी यह सड़क भी खड़ गई हैं।

इसी तरह खातौली रोड से कुम्हार खेडली और पांदड़ी से गावडी तक प्रधानमंत्री सड़क का निर्माण अलग अलग ठेकेदारों से कराया था। सड़कें उखड़ने के बाद इनका पैचवर्क तक ठीक से नहीं कराया जा सका है। करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी ग्रामीणों को बेहतर सड़क सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है।



उखड़ी सड़कों पर ठेकेदार से पैचवर्क करा रहे हैं

निर्माण के बाद जिन स्थानों पर सड़क उखड़ी हैं, वहां ठेकेदारों से कहकर पैचवर्क करवा रहे हैं। शहर से बाहर आया हुआ हूं। वापस लौटकर स्थिति का पता लगाकर सड़कों का मेंटेनेंस करवाएंगे। आरके जैन, जीएम, मप्र सड़क विकास प्राधिकरण संभाग श्योपुर

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