सूखा राहत के तहत किसानों को मुआवजा वितरण में गंभीर लापरवाही सामने आई है, बावजूद इसके प्रशासन इस पर कार्रवाई के बजाय मामले को टालने में लगा हुआ है। जबकि लोगों ने सूची सहित पटवारी के खिलाफ एसडीएम को भी सबूत दे दिए हैं। जिस पर वह जांच कराने की बात कह रहे हंै।
वहीं एक ही किसान को दो बार मुआवजा दिया गया, जबकि जिसके पास जमीन ही नहीं है, उसे भी मुआवजे का आवंटन कर दिया गया। प्रेमसर के किसानों ने मुआवजा वितरण में हुई लापरवाही और पात्र किसानों को मुआवजा न मिलने से पटवारी अरूण दांतरे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पटवारी द्वारा पूरन पुत्र हजारी को अलग-अलग खाते दर्शाकर 24664-24664 के दो भुगतान कर दिए है। जबकि कई फौत लोगों के नाम पर भी पटवारी ने मुआवजा वितरण किया। इसी तरह रामलखन पुत्र बीरबल, जिसके नाम जमीन ही नहीं, उसे भी 38502 का मुआवजा दे दिया गया। इसके अलावा 6 मृतक किसानों को भी सूची में जोड़ते हुए सूखा राहत के तहत 1 लाख 37 हजार 353 रुपए का भुगतान कर दिया। जिसे लेकर ग्रामीणों ने एसडीएम आरबी सिंडोस्कर को भी आवेदन सौंपकर पटवारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जिसमें बताया गया कि, 12 किसान ऐसे है, जिनके खाता नंबर पटवारी ने जानबूझकर गलत किए, अगर यह गलती होती तो सभी के खाता नंबर एक ही अपलोड नहीं होते है। लेकिन रुपए न मिलने के चलते पटवारी ने अन्य किसानों का भुगतान भी खाता नंबर गलत डालकर रोक दिया है।