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कूनो नदी पर मंजूर पुल का निर्माण नहीं हुआ शुरू, 5 पुलिया का काम भी सर्वे के बाद अटका
भास्कर संवाददाता | कराहल/विजयपुर
लोक निर्माण विभाग की शिवपुरी -मुरैना रोड पर 5 पुरानी नीची पुलिया के अपग्रेडेशन का काम तीन साल से अधर में लटका है। विभाग ने वर्ष 2014 में सर्वे कर 5 पुलिया की ऊंचाई बढ़ाने का प्रस्ताव शासन काे भेजा था। लेकिन प्रदेश शासन से बजट नहीं मिलने के कारण अभी तक हाईलेवल पुलिया का काम सर्वे से आगे नहीं बढ़ा है।
वहीं श्योपुर-शिवपुरी हाईवे पर सेसईपुरा और कराहल के बीच पड़ने वाली कूनो नदी पर हाईलेवल पुल मंजूर होने के बाद भी धरातल पर काम शुरू नहीं हो सका है। जबकि मानसून सीजन शुरू हाेने में अब महज दाे माह का समय बाकी है। एेसे में लाेगाें काे फिलहाल अावागमन अासान हाेने के अासार बनते नहीं दिख रहे हैं।
शिवपुरी-मुरैना रोड पर बरसों पुरानी पांच पुलिया काफी नीची बनी है। ग्राम डाबीपुरा, चंदेली, छिमछिमा हनुमान मंदिर क्षेत्र में बेर का पटपरा, टेंटरा और गढ़ी गांव के पास बरसों पुरानी पुलिया इतनी नीची है कि इलाके मेंं बारिश के बाद नाले उफान पर आते ही पुलिया डूब जाती है। जिससे आवागमन अवरुद्ध हाे जाता है। विजयपुर सहित इस मार्ग के अंतर्गत आने वाले 30 गांव के लोगों को खासी परेशानी आती है।
इस समस्या के संबंध में क्षेत्रीय विधायक रामनिवास रावत ने विधानसभा में प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद राज्य सरकार ने हाईलेवल पुलिया बनाने के लिए सर्वे के आदेश दिए। लोक निर्माण विभाग ने वर्ष 2014 में सर्वे कंपलीट करके पांच पुलिया के अपग्रेडेशन का प्रस्ताव शासन को सबमिट कर दिया था। लेकिन तीन साल से ज्यादा समय गुजरने के बावजूद शासन से बजट स्वीकृत नहीं हुआ है। ऐसे में पुलिया बनाने की दिशा में कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।
विजयपुर क्षेत्र में शिवपुरी- मुरैना रोड पर पुरानी पुलिया।
मेंटेनेंस के इंतजार में जर्जर हुई सड़क, वाहनाें में हिचकोले खाते कटता है सफर
शिवपुरी- मुरैना रोड मरम्मत की बाट जाेह रहा है। तीन साल से अावश्यक मरम्मत के अभाव में सड़क की हालत बद से बदतर हाे चुकी है। ग्राम डाबीपुरा, चंदेली, छिमछिमा हनुमान मंदिर क्षेत्र में बेर का पटपरा, टेंटरा और गढ़ी गांव के पास सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे हाे रहे हैं। गड्ढाें के बीच वाहनों में लोगों का सफर हिचकोले खाते हुए कटता है। हादसे की आशंका भी रहती है।
भास्कर संवाददाता | कराहल/विजयपुर
लोक निर्माण विभाग की शिवपुरी -मुरैना रोड पर 5 पुरानी नीची पुलिया के अपग्रेडेशन का काम तीन साल से अधर में लटका है। विभाग ने वर्ष 2014 में सर्वे कर 5 पुलिया की ऊंचाई बढ़ाने का प्रस्ताव शासन काे भेजा था। लेकिन प्रदेश शासन से बजट नहीं मिलने के कारण अभी तक हाईलेवल पुलिया का काम सर्वे से आगे नहीं बढ़ा है।
वहीं श्योपुर-शिवपुरी हाईवे पर सेसईपुरा और कराहल के बीच पड़ने वाली कूनो नदी पर हाईलेवल पुल मंजूर होने के बाद भी धरातल पर काम शुरू नहीं हो सका है। जबकि मानसून सीजन शुरू हाेने में अब महज दाे माह का समय बाकी है। एेसे में लाेगाें काे फिलहाल अावागमन अासान हाेने के अासार बनते नहीं दिख रहे हैं।
शिवपुरी-मुरैना रोड पर बरसों पुरानी पांच पुलिया काफी नीची बनी है। ग्राम डाबीपुरा, चंदेली, छिमछिमा हनुमान मंदिर क्षेत्र में बेर का पटपरा, टेंटरा और गढ़ी गांव के पास बरसों पुरानी पुलिया इतनी नीची है कि इलाके मेंं बारिश के बाद नाले उफान पर आते ही पुलिया डूब जाती है। जिससे आवागमन अवरुद्ध हाे जाता है। विजयपुर सहित इस मार्ग के अंतर्गत आने वाले 30 गांव के लोगों को खासी परेशानी आती है।
इस समस्या के संबंध में क्षेत्रीय विधायक रामनिवास रावत ने विधानसभा में प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद राज्य सरकार ने हाईलेवल पुलिया बनाने के लिए सर्वे के आदेश दिए। लोक निर्माण विभाग ने वर्ष 2014 में सर्वे कंपलीट करके पांच पुलिया के अपग्रेडेशन का प्रस्ताव शासन को सबमिट कर दिया था। लेकिन तीन साल से ज्यादा समय गुजरने के बावजूद शासन से बजट स्वीकृत नहीं हुआ है। ऐसे में पुलिया बनाने की दिशा में कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।
पुल पर हो रहे हादसे
श्योपुर-शिवपुरी स्टेट हाईवे पर सेसईपुरा और कराहल के बीच कूनो नदी पर स्वीकृत हाईलेवल पुल बनने का लोगों को बेसब्री से इंतजार है। कूनो नदी पर पुराना पुल सकरा होने की वजह से भारी वाहन नहीं निकल पाते हैं। आमने सामने दो वाहनों के पुल पर प्रवेश करने पर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते है। कूनो नदी पुल पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। दो दिन पूर्व इस पुल पर एक निजी यात्री बस और मेटाडोर टकरा गई थी। गनीमत यह रही कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ है।
बजट नहीं किया स्वीकृत
विजयपुर विधायक रामनिवास रावत का कहना है कि मैंने मुरैना-शिवपुरी रोड पर पुरानी पांच पुलियाें के अपग्रेडेशन के लिए विधानसभा में ध्यानाकर्षण के माध्यम से प्रमुख्यता से उठाया था, इसके बाद वर्ष-2014 में पीडब्ल्यूडी द्वारा सर्वे कराया गया, लेकिन शासन ने बजट स्वीकृत नहीं किया इसके कारण इन पुलियों का निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा है।