शहर में खटीक समाज के सामुदायिक भवन पर सहभागिता से चल रही एमपीपीएससी निःशुल्क कोचिंग मेें सोमवार को नायब तहसीलदार शिवराज मीणा ने छात्र छात्राओं को बेरोजगारी की समस्या पर लेक्चर दिया। इस दौरान पहली बार कोचिंग आने वाले छात्र दीपिका राठौर और राजेश कुमार का स्वागत कलम देकर किया।
नायब तहसीलदार शिवराज मीणा ने बताया कि कार्यशील जनसंख्या का वह भाग जो कार्य करने के इच्छुक है। उसे कार्य प्राप्त नहीं हो रहा है। इस स्थिति को बेरोजगारी कहते हैं। संरचनात्मक, अदृश्य, चक्रीय, मौसमी, शिक्षित, शहरी एवं ग्रामीण बेरोजगारी इसके प्रकार है। जनसंख्या और श्रम की पूर्ति में वृद्धि। रोजगार उपलब्धता के अनुपात में जनसंख्या में अधिक वृद्धि होना। अर्द्ध विकसित अर्थव्यवस्था और पूंजी निर्माण में कमी। कृषि की मौसमी प्रवृत्ति तथा सिंचाई सुविधाओं का अभाव। सार्वजनिक क्षेत्र में विनियोग का अभाव। श्रमिकों में गतिशीलता का अभाव। भारी संख्या में शरणार्थियों का आगमन। 1947 में पाकिस्तान से, 1971 में बांग्लादेश देश से और आज म्यांमार से। दोषपूर्ण शिक्षा व्यवस्था। लघु एवं कुटीर उद्योगों का पतन। श्रमशक्ति के अनुपात में मशीनों का अधिक उपयोग। यह सब बेरोजगारी के कारण है। राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से इसके दुष्प्रभाव है। भारत में बेरोजगारी दूर करने के लिए सरकार द्वारा प्रयास देश की आजादी से ही शुरू किए जाकर, आज भी जारी है। परिवार नियोजन, 26 जनवरी 2001 से दो अधिक संतान होने पर नौकरी में पात्रता नहीं होना। समन्वित ग्रामीण विकास कार्यक्रम 1978-79 में शुरू किया। इसका मुख्य उद्देश्य गरीबी उन्मूलन था।
कृषि, पशु और मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया। बाद में इसे स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना में मिला दिया गया। भूगोल विशेषज्ञ विकास सोनी ने अल्वीडो के संबंध में समझाया। नेहा मंगल ने परमाणु माडल को समझाने डाल्टन और रदरफोर्ड के नाभिकीय माडल से अवगत कराया। वित्त विकास की जानकारी राजेश प्रजापति ने दी। विशेषज्ञ खेमराज आर्य ने इतिहास का पाठ पढ़ाया।
शिक्षा
शहर में खटीक समाज के सामुदायिक भवन पर सहभागिता से चल रही एमपीपीएससी निःशुल्क कोचिंग
नि:शुल्क कोचिंग क्लास में नए छात्राें को कलम देकर स्वागत करते नायब तहसीलदार।