आयकर अधिनियम के प्रावधानों के तहत वित्त वर्ष 2017-18 के लिए जिन कर दाताओं का ऑडिट होता है, उन्हें छोड़कर अन्य सभी कर दाताओं को 31 जुलाई तक आयकर रिटर्न प्रस्तुत करना अनिवार्य है । लेकिन आयकर विभाग ने रिटर्न फार्म ई- फाइलिंग वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया है। इससे आयकरदाता परेशान हैं। करदाताओं ने सभी रिटर्न प्रारूप वेबसाइट पर तुरंत अपलोड कर रिटर्न जमा करने की अंतिम तारीख 2 माह बढ़ाने की मांग की है। कर सलाहकार नकुल जैन ने बताया कि नियमानुसार आयकर विभाग को 1 अप्रैल को ही रिटर्न का प्रारूप वेबसाइट पर अपलोड कर देना चाहिए। जबकि इस बार अप्रैल माह में फार्म वन ही जारी किया गया। जिसमें सिर्फ वेतनभोगी कर्मचारी रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। इसके बाद 10 मई को विभाग द्वारा फार्म नंबर 2 जारी किया है। लेकिन शेष फार्म अभी तक अपलोड नहीं किए गए हैं। इससे कर दाता को प्राप्त समय सीमा में कटौती हो गई है। ऐसी स्थिति में विलंब होने पर इसका खामियाजा आयकरदाता को अनावश्यक रूप से पेनल्टी के रूप में भुगतना पड़ेगा। कई करदाताओं को बैंक लोन सहित अन्य कार्यों के लिए वित्त वर्ष 2017-18 की विवरणी की आवश्यकता होती है, लेकिन प्रारूप जारी नहीं होने से उन्हें भी परेशानी हो रही है।