गेहूं और चना-सरसों की समर्थन मूल्य पर चल रही खरीदी का अब अंतिम दौर आ चुका है, लेकिन अब भी हजारों किसानों से खरीदी नहीं हो सकी है। ऐसे में गेहूं के 6 हजार किसानों को अब भी गेहूं बेचने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। जबकि बीते 41 दिन में 14 हजार किसान ही गेहूं बेच पाए है। अब शेष बचे पांच दिनों में 6 हजार किसानों से कैसे गेहूं खरीदा जाएगा, यह सवाल किसानों को परेशान कर रहा है।
समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी 10 अप्रैल से शुरू हुई जिसे कुल मिलाकर 41 दिन बीत चुके है। इन 41 दिनों में 19 हजार किसानों में से 13 हजार 879 किसानों से समर्थन मूल्य पर 1 लाख 63 हजार क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा सकी है। यानि एक दिन में 350 किसानों से प्रतिदिन खरीदी गई है। अब गेहूं की खरीदी की अंतिम तारीख 26 मई को पांच दिन ही शेष है, जिसमें 6 हजार किसानों से गेहूं और खरीदा जाना है। जिससे किसानों के लिए भी संकट खड़ा हो गया है। खरीदी में किसानों की तौल में सबसे ज्यादा परेशानी गेहूं के उठाव न होने के कारण हुई, जिसके चलते खरीदी 41 दिनों में करीब 12 दिनों तक बंद रही। अब किसानों के दिमाग में यह सवाल उठ रहा है कि उनका गेहूं कैसे इन पांच दिनों में कैसे बिकेगा।
फिर बंद हुआ गेहूं का उठाव, 21 हजार क्विंटल गेहूं खुले में
गेहूं के केन्द्रों पर एक बार फिर उठाव की समस्या खड़ी हो गई है, जिससे भी किसानों को फिर से खरीदी बंद होने का डर सताने लगा है। क्योंकि पूरा ट्रांसपोर्टेशन चना-सरसों के उठाव पर चल रहा है। ऐसे में खुले में विभाग का 21 हजार क्विंटल गेहूं सोसायटियों पर पड़ा हुआ है। जिसे लेकर विभाग भी परेशान है और उठाव के लिए लगातार पत्र लिख रहा है।