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आज से शुरू होंगे विवाह, जून-जुलाई में शादियों के 12 मुहूर्त

3 वर्ष पहले
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ज्येष्ठ अधिकमास का अमावस्या पर बुधवार को आखिरी दिन था। गुरुवार से फिर से विवाह मुहूर्त व अन्य मंगल कार्य शुरू हो गए हैं। इस बार जून और जुलाई में शादी के 12 मुहूर्त हैं। इन मुहूर्तों में नागरिक अपने विवाह योग्य बेटे-बेटियों की शादी करा सकते हैं। इन मुहूर्तों में नागरिक अपने विवाह योग्य बेटे-बेटियों की शादी करा सकते हैं। इसके बाद उन्हें 19 नवंबर तक इंतजार करना पड़ेगा।

जिन घरों में रिश्ते पहले पक्के हो गए हैं। 13 जून को अधिकमास खत्म होते ही उन घरों में शादियां की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जून में पहला शुभ मुहूर्त 19 को है। इसके बाद 20, 21, 22, 23, 25 और 29 जून को ब्याह की बेला आएगी। जुलाई में 5, 6, 10 तारीख को शादियां की जा सकेंगी।

तीन मुहूर्त शुभ हैं। इसके अलावा भड़ली नवमी 21 जुलाई को भी अबूझ मुहूर्त की शादियां हो सकेंगी। इसके साथ ही विवाह मुहूर्त वाली तिथियों में ही गृह प्रवेश, नवीन व्यवसाय, शिलान्यास, उद्घाटन,आदि मंगल कार्य भी किए जा सकेंगे।

पंडित नरेश शर्मा के अनुसार 23 जुलाई को देवशयनी एकादशी के साथ विवाह और मांगलिक कार्य बंद हो जाएंगे। 19 नवंबर को देवउठनी एकादशी से फिर मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी। चार महीने लोगों को इंतजार करना पड़ेगा।

23 जुलाई को देवशयनी एकादशी से शुरू होंगे चातुर्मास, रुकेंगे शुभ कार्य, 21 जुलाई को अबूझ मुहूर्त
23 जुलाई 2018 आषाढ़ शुक्ल एकादशी के दिन देवशयनी एकादशी होने के कारण चातुर्मास प्रारंभ हो जाएगा, जो 19 नवंबर 2018 तक चलेगा। अतः इन चार माह में विवाह नहीं होंगे। इसके बाद 16 दिसंबर 2018 से 14 जनवरी 2019 तक धनुर्मास या मलमास रहने के कारण विवाह नहीं हो पाएंगे। इस बीच 13-14 नवंबर 2018 से 8 दिसंबर 2018 तक गुरु अस्त रहने के कारण विवाह नहीं हो पाएंगे।

ज्योतिष के अनुसार 21 जुलाई को भी अबूझ मुहूर्त की शादियां हो सकेंगी।

23 जुलाई से देवशयनी एकादशी, नहीं होंगे विवाह
यह रहेंगे विवाह के मुहूर्त

जून:
19 जून मंगलवार द्वि. ज्येष्ठ शुक्ल षष्ठी

20 जून बुधवार द्वि. ज्येष्ठ शुक्ल अष्टमी

21 जून गुरुवार द्वि. ज्येष्ठ शुक्ल नवमी

22 जून शुक्रवार द्वि. ज्येष्ठ शुक्ल दशमी

23 जून शनिवार द्वि. ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी

25 जून सोमवार द्वि. ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी

29 जून शुक्रवार आषाढ़ कृष्ण प्रतिपदा

जुलाई : 5 जुलाई गुरुवार आषाढ़ कृष्ण सप्तमी

6 जुलाई शुक्रवार आषाढ़ कृष्ण अष्टमी

10 जुलाई मंगलवार आषाढ़ कृष्ण द्वादशी

दिसंबर: 12 दिसंबर बुधवार मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी

13 दिसंबर गुरुवार मार्गशीर्ष शुक्ल षष्ठी

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